Supreme Court makes playing National Anthem complusary in movie theatres all over India

जय हिन्द!! सुप्रीम कोर्ट का आदेश हम देशवासियों के लिए आशीर्वाद स्वरुप है। सुप्रीमो कोर्ट के आदेश को ना मानना देश द्रोह जैसा है। एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट ने एक कडा निर्देश दिया है। इस बार बात हमारे ‘राष्ट्रगान’ को लेकर है।

भारत में कई सिनेमाघरों में फिल्म डायरेक्ट दिखाएं जाने लगी थी, जबकि उन थियेटरों को फिल्म शुरू करने से पहले दर्शको को राष्ट्रगान दिखाना अनिवार्य था। पर ऐसा हो नहीं रहा था। यानि राष्ट्रगान ना दिखाकर कई सिनामघरों के मालिक भारत देश का अपमान कर रहे थे। मामला जा पहुचा सुप्रीम कोर्ट में। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अहम कदम उठाया है।

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के सभी सिनेमाघरों को फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्र गान बजाने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजाया जाना चाहिए और स्क्रीन पर तिरंगा दिखाया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि सभी नागरिकों को राष्ट्रगान और राष्ट्र ध्वज का सम्मान करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि राष्ट्रगान बजने पर सिनेमाघरों में मौजूद सभी लोगों को खड़े होकर इसका सम्मान करना चाहिए। केंद्र और सभी राज्यों के सचिवों ने SC के इस आदेश का सर्कुलर प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पब्लिश करने की सहमति दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा है कि राष्ट्रगान का व्यसायिक फायदे के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि राष्ट्रगान को आपत्तिजनक चीजों पर प्रिंट नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने ये निर्देश एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद दिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रगान का संक्षिप्त रूप नहीं बजाया जा सकता, राष्ट्रगान का फुल वर्जन ही बजेगा।

ऐसे में हमें नहीं लगता कि, मल्टीप्लेक्स और सिंगल सिनेमाघरों के मालिको को फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान दिखाने में कोई तकलीफ होनी चाहिए।