Pooja Bhatt on Udaipur abuse case: NSUI threatening to shut down my shoot!

Tue, July 23, 2013 12:51pm UTC by 3 Comments
pooja bhatt

After claims that the SP of Udaipur got abusive with her entire film unit during a shoot, the actor-producer tweets that the National Students Union of India is threatening to shut down further shoots

UPDATE: Pooja Bhatt tweeted: “50-75 ppl claiming to be from NSUI have barged into Central Jail Udaipur shouting slogans against me + threatening to shut down my shoot. If I were alone I would tackle them HEADON! But I happen to have a unit of 100 I am responsible for + equipment as well.” She further added, “I am being made a scapegoat by warring political parties who’s clamour for power is inducing this goon like behaviour! #electionshame” and “If the NSUI,comprised of supposed ‘students’ can behave like rabid dogs it’s time to disband them and burn down all the universities.”

Earlier report: Pooja Bhatt is breathing fire. The actor-turned-producer was shooting in Udaipur for her next film with director Prawal Raman, along with actors Randeep Hooda and Richa Chadda. There was an altercation on the sets when the Superintendent of Police (SP) of Udaipur – Hariprasad Sharma – started getting abusive with Pooja and her entire team after he was asked to wait for five minutes. “He abused my director Prawal and me simply because he was asked to wait for five minutes while we canned a shot,” said Pooja.

Bhatt maintains that Sharma got verbally abusive with her, but that it was not her team’s fault that led to the ugly fight. “There was no altercation from my unit’s side. Hariprasad Sharma was an on ego-fuelled power trip. He got physically abusive with my unit,” maintained the lady.

Sharma then bundled the co-producer of the film into a police van and took him to the police station without stating any reasons for his detention.

Was it a case of an egoistic police officer who was trying to show his administrative (read: khaki) power in the name of providing security to the film unit, or was it a case of film stars showing off starry attitude to the locals? We are waiting to hear the full story from Pooja herself.

Will Pooja Bhatt stand up for her rights this time too? And more importantly, will papa Mahesh Bhatt intervene in the matter? We wait to find out.Subscribe to me on YouTube

  • sukant

    Pooja bhatt is gay mahesh bhatt’s lesbo girl and she deserves to be scolded infinite times before she starts a film because her films are pure nonsense and full of nudity with outr any concept

  • AFTAB

    a

  • bharat sharma udaipur

    खराब अनुभव साथ लेकर उदयपुर से रुखसत हुई पूजा भट्ट

    [ भारत शर्मा ] उदयपुर | पिछले कई दिनों से उदयपुर शहर के कई एतिहासिक स्थलों पर अपनी फिल्म “बैड” कि शूटिंग कर रही निर्माता निर्देशक पूजा भट्ट गुरुवार को कडवे और ख़राब अनुभव अपने साथ लेकर मुंबई प्रस्थान कर गई | पहली बार उदयपुर आई पूजा भट्ट ने उदयपुर के कई कलाकारों को जहा अपनी फिल्म मे प्रतिभा दिखाने का मौका दिया वही करोडो रूपये खर्च कर शहर मे अपनी फिल्म के नायक रणदीप हुड्डा व नायिका के अलावा कई स्थानीय कलाकारों के साथ कई द्रश्यो का फिल्मांकन किया |
    इसे उदयपुर शहर वासियों का दुर्भाग्य ही कहा जायेगा कि एक छोटी सी बात को [ जिसे राई का पहाड़ भी कहा जा सकता है ] लेकर इतना हंगामा किया कि पूजा भट्ट ने सुरक्षा कि द्र्स्टी से यहाँ से पेकअप कर रवानगी करने मे ही अपनी व अपनी यूनिट मे काम कर रहे लोगो कि भलाई समझी और चली गई | उदयपुर और पुरे मेवाड़ कि परम्परा है कि ‘’अतिथि देवो भाव :”| मेहमान नवाजी करने का यह कौनसा तरीका है कि एक मेहमान जो हमारे शहर कि कई एतिहासिक विरासतों को अपनी फिल्म के माध्यम से पूरी दुनिया मे प्रस्तुत करना चाहती थी, शहरवाशियों के रूखे स्वभाव और ख़राब व्यव्हार के चलते नाराज होकर यहाँ से चली जाती है | पूजा भट्ट कि इस फिल्म मे कई स्थानीय कलाकारों को मौका मिल ही रहा था साथ ही कई लोगो को रोजगार भी ऐसा मिल रहा था जिससे उन लोगो के चेहरे भी खिले हुए थे, लेकिन पूजा और उनकी यूनिट के लोटने के बाद उनके चहरे पर मायूसी साफ देखी जा सकती है |
    यहाँ यह बता देना मै उचित समजता हु कि 20 जुलाई 2013 को पूजा भट्ट अपनी फिल्म के अभिनेता रणदीप हुड्डा के साथ कलेक्ट्री परिसर मे कुछ विशेष दृश्यों का फिमंकन कर रही थी, उसी दौरान वहा उदयपुर पुलिस अधीक्षक हरि प्रसाद शर्मा का आना होता है, लेकिन पूजा भट्ट कि यूनिट मे काम कर रहे बाउंसर व अन्य लोगो द्वारा जब एस पी साहब को रोका जाता है और कहा जाता है कि विशेष दृश्यों का फिल्मांकन चल रहा है आप कुछ देर रुक जाइये फिर चले जाना | लेकिन एस पी साहब ने उन लोगो को अपना परिचय दिया जो नहीं जानते थे कि वह एस पी है कहा कि मे यहाँ का एस पी हु आप मुझे कैसे रोक सकते है ? जब पूजा भट्ट को इस बात का पता चलता है तो एस पी हरि प्रसाद शर्मा और पूजा भट्ट के बीच तीखी और जोरदार बहस होती है, और मामला शांत होने कि बजाय पूरी तरह बिगड़ जाता है | एस पी ग़ुस्सा होते है और उसी समय शूटिंग को रुकवा देते है और फिल्म के कुछ लोगो को गिरफ्तार करवा देते है, लेकिन पूजा भट्ट भी देश कि जानी मानी अभिनेत्री होने के दम पर एस पी से उलझ पड़ती है सुनने मे यहाँ तक आया कि पूजा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से एस पी हरी प्रसाद शर्मा कि शिकायत करती है, बात उस दिन जैसे तैसे निपट जाती है, मगर दुसरे दिन एस पी के समर्थन मे शहर के कई लोग खड़े हो जाते है |
    शहर के सामाजिक संगठन व छात्र नेता पुलिस अधीक्षक के समर्थन मे कलेक्ट्री के बाहर धरना-प्रदर्शन करते है और पूजा भट्ट हाय-हाय कर पूजा भट्ट के पुतले भी जलाते है, यहाँ यह भी ठीक नहीं था, क्योकि शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन करने के और भी कई तरीके होते है, जहा समाज के कुछ प्रतिष्ठित व्यक्ति ज्ञापन देकर भी अपना विरोध जाता सकते थे | मगर हद तो घटना के दुसरे दिन तब हो गई जब पूजा भट्ट अपने कलाकारों के साथ उदयपुर सेन्ट्रल जेल मे कुछ दृश्य फिल्मा रही होती है तभी वहा पर कुछ छात्र संगठनो के नेता जिनका इस पुरे मामले से कोई लेना देना नहीं होता, पहुचते है और जेल कि फाटक पर चढ़ कर हुडदंग करते हुए अन्दर घुस जाते है | फिल्म के सेट पर नुकशान पहुचाने कि कोशिश करते है, वहा मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें रोकने का बहुत प्रयास करते है लेकिन जब छात्रों का हुडदंग जारी रहता है तो मजबूरन पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ता है जिसमे 10 से 12 छात्र घायल हो जाते है और कुछ गिरफ्तार कर लिए जाते है |
    अब सवाल यह उठता है कि क्या जरूरत थी यह सब करने कि ? यह कौनसा तरीका था विरोध करने का ? मै पूछना चाहता हू उन संगठनो से जिन्होंने उदयपुर कि छवि पुरे देश मे ख़राब की, किसने इजाजत दी उन्हें यह सब करने कि ? क्या आप अपने घर आये मेहमानों के साथ ऐसा ही दुर्व्यहवार करते है ? क्या पूजा भट्ट हमारी मेहमान नहीं थी ? क्या सन्देश देगी वह मुंबई फिल्म इंडस्ट्री को ? यही कि उदयपुर वाले मेहमानों के साथ बदसलूकी करते है ? धक्के देकर यहाँ से निकाल देते है ? जैसे कई सवाल पूजा अपने मन मे लेकर मुंबई गई है |
    शहरवासियों, ऐसी परम्परा तो कभी नहीं रही हमारी, हमने तो हमेशा शहर मे आने वाले हर मेहमान का ‘’पलक पांवड़े” बिछाकर स्वागत किया है | हमारी तो परम्परा रही है ‘’अतिथि देवो भव:”| फिर यह परम्परा चंद लोगो की खातिर हम कैसे बदल सकते है ? मै उम्मीद करता हु तमाम उदयपुर वासियों से कि दुबारा इस तरह का दुर्व्यवहार और ऐसा निंदनीय विरोध कभी किसी का नहीं करेंगे | जरा सोचिये ! अगर यही रवैया रहा तो कैसे हमारी स्थानीय प्रतिभाओं को बड़े परदे पर कम करने का मौका मिलेगा | जो स्थानीय कलाकार इसी उम्मीद मे रहते है कि हमें भी कभी फिल्म इंडस्ट्री मे काम करने का मौका मिलेगा, यह विरोध एक तरह से उन प्रतिभाओ की कार्यकुशलता पर भी कुठाराघात करता है |


Next ARTICLE
ALL NEWS
PREV ARTICLE
ALL NEWS