Sooraj Pancholi on Jiah Khan Suicide Case: बॉलीवुड फिल्म स्टार सूरज पंचोली 10 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जिया खान सुसाइड केस में कोर्ट से बरी हो गए हैं। 28 अप्रैल 2023 के दिन सूरज पंचोली को सीबीआई कोर्ट ने बरी किया। फिल्म स्टार ने कोर्ट से बरी होने के बाद पहली बार मीडिया के सामने इस मुद्दे पर खुलकर बात की है। इस बातचीत के दौरान फिल्म स्टार ने जिया खान के साथ अपने रिश्ते को लेकर भी बात रखी। साथ ही फिल्म स्टार ने जिया खान की मानसिक स्थिति को लेकर भी काफी कुछ कहा है। इस दौरान सूरज पंचोली ने अपने 10 सालों के इस बुरे दौर को और जिया खान को लेकर बात करते हुए कहा कि उन्हें अपने 'परिवार के प्यार' की जरूरत थी। यहां जानें फिल्म स्टार ने क्या कहा?
10 साल बाद न्याय मिलने पर सूरज पंचोली ने कहा
मेरे कंधों से बहुत बड़ा भार उतर गया। पिछले 10 सालों में मैं जिस रिश्ते में था तब भी मैं अपना 100 फीसदी नहीं दे सकता था। क्योंकि मेरा भविष्य सिक्योर नहीं था। अब मैं अपनी जिंदगी प्लान कर सकता हूं। जिंदगी में शांति सबसे जरूरी है। जो पैसो, शोहरत और सफलता से कहीं ज्यादा कीमती है। पिछले 10 सालों से मैं अशांत था। मैं हर रात इस बारे में सोचे बिना सो ही नहीं पाता था।
जिया खान के साथ ऐसा था सूरज पंचोली का रिश्ता
एक्टर ने ईटाइम्स को दिए इंटरव्यू में बताया, 'मैंने उसे फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। वो सुंदर लड़की थी और जिन्होंने फिल्में की थी। उन्होंने 1 साल बाद मुझे जवाब दिया और हम दोस्त बन गए। मैं जिया के साथ सिर्फ 5 महीने ही रिलेशनशिम में रहा। मुझे नहीं पता था कि वो किस दर्द से गुजर रही हैं।'
बॉयफ्रेंड नहीं जिया को परिवार के प्यार की तलाश थी
सूरज पंचोली ने कहा, 'उसे बॉयफ्रेंड नहीं, परिवार के प्यार की जरूरत थी। वो उनका साथ चाहती थी वो चाहती थी कि वो उसे समझें। जिया के पास अपनी फैमिली को सपोर्ट करने का बहुत प्रेशर था। उसके दो सौतेली बहनें थीं। उसकी मां और उनका पार्टनर। परिवार में वो अकेली कमाने वाली थीं और वो भी जो काम उन्हें मिल रहा था वो काफी नहीं था। मुझे उनकी सिचुएशन का उस वक्त तक अंदाजा नहीं था, मैं उस वक्त महज 20 साल का था। लेकिन मैंने उनकी मां को बताया था कि वो डिप्रेस हैं और उन्हें प्यार की जरूरत है।'
जिया पहले भी कर चुकी थीं आत्महत्या की कोशिश
सूरज पंचोली ने बताते हुए कहा, 'उस वक्त मेंटल हेल्थ के बारे में कोई बात नहीं करता था। उसके पास कोई इमोशनल सपोर्ट नहीं था। उसके पास सिर्फ मैं था। जब मैं शुरु में जिया खान से मिला था और उस वक्त हम रिश्ते में भी नहीं थे। उस वक्त भी उन्होंने अपना हाथ काटकर मरने की कोशिश की थी। ये साल 2012 की बात है। मैंने राबिया जी को फोन लगाया वो लंदन में थीं। उन्होंने कहा कि वो अगली फ्लाइट लेकर मुंबई आती हैं। मगर वो कई महीनों बाद आई थीं। क्या ये एक पैरेंट और बच्चे के रिश्ते में नॉर्मल है? उस वक्त मैं उसके साथ मुश्किल के वक्त में रहा था। इसके बाद हमें प्यार हुआ। वो एक खूबसूरत इंसान थी लेकिन मेरे अकेले का प्यार उसके लिए काफी नहीं था। उसे परिवार के प्यार की जरूरत थी। मैं कोर्ट में बहुत कुछ कह सकता था। लेकिन मैं ऐसा नहीं किया क्योंकि मैं परिवार को शांति में रखना चाहता था। लेकिन सिर्फ मुझे दोष देने से कुछ नहीं होगा।'
कोर्ट ने भी मानी ये बात
एक्टर ने कहा कि कोर्ट ने भी ये बात मानी है। कि सुसाइड लेटर जिया के हाथों से नहीं लिखा गया था और ये पुलिस को कई दिनों बाद मीडिया में देने के बाद दिया गया था। जजमेंट की कॉपी में साफ लिखा है, 'परिस्थितियां उक्त पत्र के वास्तविक लेखक के बारे में गंभीर संदेह पैदा करती हैं।'
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