पंचायत सीरीज तो आपने देख ही ली होगी। अमेजॉन प्राइम के इस फ्रेन्चाइजी की तीसरे पार्ट ने भी लोगों को खूब एंटरटेन किया है। इस सीरीज में बिहार से ताल्लुक रखने वाले एक्टर चंदन रॉय ने अहम भूमिका अदा की है। चंदन ने इस सीरीज में विकास बाबू का रोल अदा किया है और अपनी बेहतरीन से हर किसी का दिल जीत लिया है। इसी के साथ ही साथ अब सोशल मीडिया पर उनके कई क्लिप्स भी वायरल हो रहे हैं। हाल ही में चंदन रॉय ने बॉलीवुडलाइफ के साथ बातचीत की और कई दिलचस्प बातें भी बताई।
आप लंबे समय से लोगों को एंटरटेन करते आ रहे हैं। मुंबई में कबसे हैं आप चंदन?
मुंबई में 2017 से हूं। इस शहर में आने की कहानी भी काफी दिलचस्प है। नौकरी छोड़कर मुंबई जा रहा था। किसी को कुछ नहीं बताया था। उस दौरान किसी का मैसेज आया था। तब मैसेज के दौरान ही मैंने उन्हें बताया कि मैं मुंबई निकल रहा हूं। वो वक्त जेहन से कभी नहीं निकल पाएगा।
मॉस कम्यूनिकेशन ही करना था पहले से या फिर ये सबसे आसान राह लगी आपको अपने सपनों के करीब जाने के लिए?
कह सकते हैं क्योंकि दिमाग में एक ही चीज थी कि अगर मुंबई जाना है तो पैसे तो चाहिए ही होंगे। घरवालों से पैसे नहीं लेने थे। घर पर भाई-बहन थे तो उनके लिए भी सोचना था। घर का बड़ा हूं तो अगर घरवालों से पैसे लेकर आता और चीजें सही दिशा में नहीं जाती तो मुझसे रहा नहीं जाता। तो आईआईएमसी आ गया इसके बाद नौकरी लगी। फिर कुछ पैसे जमा करके मुंबई आने का फैसला लिया।
मुंबई में कभी ऐसी फिलिंग्स आई कि इस शहर में फिट नहीं बैठ पाऊंगा या कभी अपने फैसले पर डाउट हुआ?
कभी-कभी ऐसा महसूस होता था। जब कोई चीज उम्मीद के मुताबिक नहीं होती थी और प्रोजेक्ट्स नहीं मिलते थे, तो मन में ये दुविधा आती थी कि शायद मैं इस चीज के लिए हूं ही नहीं।
फिर कौन सी ऐसी बात थी जो आपको एक किक देती रही कि टिके रहना है और प्रयास करते रहना है?
बस यही सोचता था कि मुझे शुरु से ही एक्टिंग करनी थी और मुझे वह करने का मौका मिल ही रहा था। तो मैं यही सोचकर सही समय का इंतजार करता रहा। जैसी चीजें आती जाएंगी, मैं वैसे ही करता जाऊंगा। मैं 'जस्ट गो विद द फ्लो' में यकीन करने लगा। धीरे-धीरे एक के बाद एक चीजें मिलती गई।
पंचायत वाला रोल आपको कैसे मिला? क्या किसी ने रिकमंड किया था या आप खुद ऑडीशन देने गए थे?
मुंबई में काम करने के लिए ऑडीशन देना होता है और मैंने कई ऑडीशन दिए भी। उसी दौरान पता चला कि पंचायत नाम की सीरीज के लिए ऑडीशन चल रहा है। मैंने पहले ऑडीशन एक छोटे से रोल के लिए दिया था। कास्टिंग डायरेक्टर ने मुझे उस रोल के लिए कंसीडर नहीं किया। उन्होंने मुझे विकास के रोल के लिए ऑडीशन देने के लिए कहा। मैंने ऑडीशन दिया और सेलेक्ट हो गया। इसे मैं भगवान का आशीर्वाद ही मानता हूं क्योंकि आए दिन करोड़ों लोग ऑडीशन दे रहे हैं और काफी लोग वाकई में टैलेंटेड हैं। ऐसे में मुझे पंचायत के लिए चुना गया तो मैं खुद को सौभाग्यशाली तो मानता ही हूं।
नीचे देखें चंदन रॉय की लेटेस्ट तस्वीरें
अगर विकास का रोल नहीं करते तो पंचायत सीरीज का वो कौन सा किरदार है जो आप करना चाहते?
सच कहूं तो विकास का रोल मेरे दिल के बहुत करीब है। इस रोल को मैंने जी लिया है। सारे किरदार अपने आपमें परफेक्ट हैं लेकिन मैं फिर भी विकास को ही चुनूंगा हर बार।
चंदन 'पंचायत' के बाद आपकी लाइफ में 3 कौन से बड़े बदलाव आए?
पंचायत 3 (Panchayat 3) के बाद से तो जिंदगी पूरी तरह से बदल गई है। करियर को लेकर अब मैं काफी गंभीर हो चुका हूं। अब ऐसा लगता है कि एक जिम्मेदारी आ चुकी है लोगों को एंटरटेन करने के लिए काम करना है। दूसरी चीज ये है कि मैं अब किताबें पढ़ने लगा हूं। चीजों को समझने के लिए अब और फिल्में देखने लगा हूं। अब मैं अपनी डाइटिंग पर ध्यान देने लगा हूं। हेल्थ को लेकर पहले से ज्यादा सीरियस हो चुका हूं।
फिल्म इंडस्ट्री में कोई आइडल है?
बलराज साहनी का बड़ा फैन हूं। उनकी लगभग हर एक फिल्म देख डाली है। 'दो बीघा जमीन', 'गर्म हवा', 'काबुलीवाला' और 'वक्त' जैसी कई ऐसी फिल्में हैं जिसमें बलराज साहनी से काफी सीखने को मिलता है।
फेवरेट डायरेक्टर्स की कोई बकेट लिस्ट बनाई है, जिनके साथ काम करना है?
ऐसी कोई लिस्ट नहीं बनाई है। सभी के साथ काम करना है क्योंकि हर एक डायरेक्टर का सोचना अलग है। हर किसी के काम करने का तरीका अलग है, जिससे खुद की कला को भी निखारने में मदद मिलती है। जैसे मौके आते जाएंगे, मैं हर किसी के साथ खुशी-खुशी काम करना चाहूंगा।
आपके काम को लेकर काफी बात हुई। लोग आपकी पर्सनल लाइफ को लेकर भी काफी चीजें जानना चाहते हैं? शादी-वादी का प्लान कब कर रहे हैं?
मम्मी इन दिनों एक ही रट लगाती हैं कि अब शादी कर लो। बहुत प्रेशर है घरवालों का। खैर जब कोई ऐसा मिल जाएगा जिसके साथ लगने लगेगा कि जिंदगी का सफर आसानी से पूरा हो जाएगा, तो उस दिन घर बसा लूंगा।
सोशल मीडिया पर आपकी लगभग हर एक पोस्ट पर लोगों के कमेंट्स देखने लायक होते हैं। हाल ही में एक कमेंट पढ़ रही थी आपकी पोस्ट पर कि 'अरे विकास भैय्या कौन सा परफ्यूम लगाए हैं? यहां तक खुशबू आ रही है।' लोगों को लगता है कि हमारे बीच से ही निकला एक शख्स है विकास। कैसा लगता है लोगों का प्यार देखकर?
मैसेजेस भी पढ़ता हूं लोगों के। मेरी दिली इच्छा है कि एक दिन इन सभी लोगों से मिलूंगा। काफी अच्छा लगता है कि लोग इतना प्यार देते हैं। जो काम मैंने किया है या कर रहा हूं अगर लोग उससे खुद को रीलेट कर पाते हैं तो मेरे लिए ये सबसे बड़ी कामयाबी है। मैं लोगों को ऐसे ही एंटरटेन करता रहूंगा। एक बार फिर से सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा, जिन्होंने इतना प्यार दिया।
बिहार से लेकर मुंबई तक के सफर को अगर एक शब्द में बयान करना हो तो वो क्या है?
एक शब्द में तो बयान नहीं कर पाउंगा। आज जब मैं आंख बंद करके पुराने चंदन के बारे में सोचता हूं तो आंखों में आंसू आ जाते हैं। जिंदगी में काफी कुछ देखा है और काफी कुछ महसूस भी किया है। काफी अभाव में चीजें आगे बढ़ी लेकिन कभी हार नहीं मानी। मैं छोटे चंदन को मिलकर बस गले लगाना चाहता हूं। बिहार से लेकर मुंबई तक का सफर अभी के लिए काफी खूबसूरत रहा है।
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