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पहली फिल्म में ही कमल हासन ने जीता था प्रेजीडेंट गोल्ड अवॉर्ड, फिल्मफेयर से की थी पुरस्कार न देने की रिक्वेस्ट

5 दशक से सिनेमा पर राज कर रहे कमल पद्मश्री और पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित भारतीय सिनेमा के इतिहास में सम्मानित अभिनेता हैं।

By: Gaurav Nauriyal  |  Published: February 21, 2018 1:15 PM IST

पहली फिल्म में ही कमल हासन ने जीता था प्रेजीडेंट गोल्ड अवॉर्ड, फिल्मफेयर से की थी पुरस्कार न देने की रिक्वेस्ट

दिग्गज अभिनेता और फिल्म निर्देशक कमल हासन बुधवार से अपनी नई शुरुआत कर रहे हैं। ये शुरुआत ​सिनेमा को छोड़कर राजनीति में प्रवेश कर हो रही है। बुधवार को कमल अपनी राजनीतिक पार्टी का ऐलान करने जा रहे हैं और आज ही वह अपनी पहली जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कमल की इस नई शुरुआत से उनके फैंस खुश भी हैं और थोड़ा मायूस भी। मायूस इसलिए कि इस शानदार एक्टर ने अब सिनेमा के बजाय पॉलिटिक्स पर ही पूरी तरह से फोकस करने की बात कही है। हालांकि, अभी उनकी दो फिल्में रिलीज होनी बाकी हैं, लेकिन इन फिल्मों के बाद कमल किसी नई फिल्म को साइन नहीं करेंगें

कमल हासन को आज अधिकांश भारतीय पहचानते हैं, लेकिन इस पहचान को बनाने में कमल ने एक दौर में खून-पसीना एक कर दिया था। टैलेंट और बेबाकी हमेशा से ही कमल की पहचान रही है। ये उनकी फिल्मों की स्क्रिप्ट और आम जीवन में दिए गए उनके बयानों में भी नजर आती है। इसके अलावा उनकी जिंदगी को पलटकर देखें तब भी यह बात साबित हो जाती है कि सिनेमा को कमल जैसे अभिनेता हर दौर में एक-आध ही मिलते हैं।

पहली फिल्म में ही जीत लिया प्रेजीडेंट गोल्ड
जीवन में एक दफा अपनी परफॉरमेंस के लिए प्रेजीडेंट गोल्ड अवॉर्ड जीतने का गर्व हर कलाकार अपने भीतर पालता है, लेकिन कमल ने इस अनुभव को अपनी पहली फिल्म के साथ ही ले लिया था। कमल हासन ने बतौर बाल कलाकार 1960 में तमिल फिल्म 'कलतूर कन्नम्मा' से अपना डेब्यू किया था। इस फिल्म में उन्होंने 'सेल्वम' नाम के बच्चे की भूमिका अदा की थी। यही वह फिल्म थी जिसमें उन्हें उस दौर के दिग्गज तमिल अभिनेता जेमिनी गणेशन के साथ अभिनय का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने बतौर बाल कलाकार ही कई और फिल्में भी की।

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28 फिल्मों में काम करने के बाद मिला बिग ब्रेक

बतौर एडल्ट रोल 1973 में कमल को पहली दफा मशहूर फिल्म निर्देशक के. बालचंदर ने अपनी फिल्म ‘आरंगेत्रम’ में एक छोटा सा रोल दिया, लेकिन कमल एक सशक्त अभिनेता के बतौर अपनी पहचान बना सके तमिल फिल्म 'अपूर्व रागंगल' के जरिए। यह फिल्म 1975 में आई थी।
इससे पहले कमल कई छोटे-बड़े रोल में तकरीबन 28 फिल्मों में काम कर चुके थे। 28 फिल्मों में काम करने के बाद 'अपूर्व रागंगल' के जरिए सिनेमा में उनकी पहचान का सूखा खत्म हो सका और यहीं से उनकी दूसरी कहानी शुरू हुई।

'शाबाश नायडू' और 'विश्वरूपम 2' में आएंगे नजर
कमल ने अब नई फिल्में न करने का फैसला लिया है। पूरी तरह से पॉलिटिक्स के लिए खुद को समर्पित करने वाले कमल ने इस बात की घोषणा बीते दिनों खुद की थी। हालांकि उनकी दो फिल्में अभी रिलीज होनी है। इनमें 'विश्वरूपम 2' और 'शाबाश नायडू' फिल्में शामिल हैं। 'शाबाश नायडू' तमिल के साथ ही तेलुगु और हिंदी में भी रिलीज होगी। फिल्म के तमिल और तेलुगु वर्जन में कमल के साथ दक्षिण भारतीय फिल्मों के मशहूर कॉमेडियन ब्रह्मानंदम नजर आएंगे, जबकि हिंदी में ब्रह्मानंदम वाला किरदार सौरभ शुक्ला निभा रहे हैं।

इतने मिले अवॉर्ड कि खुद कमल ने न देने की की थी गुजारिश
पुरस्कारों के मामले में भी कमल कहीं ज्यादा आगे खड़े नजर आते हैं। पद्मश्री और पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित कमल हासन भारतीय सिनेमा के इतिहास में सम्मानित अभिनेता हैं। उनके नाम सर्वाधिक चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समेत तीन सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार तथा एक सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का पुरस्कार पाने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। इसके अलावा कमल हासन, पांच भाषाओं में रिकॉर्ड उन्नीस दफा फिल्मफेयर अवॉर्ड जीत चुके हैं। वर्ष 2000 में कमल ने फिल्मफेयर से खुद को पुरस्कारों से मुक्त रखने का आग्रह किया था। इसके अलावा भी कमल कई पुरस्कार जीत चुके हैं। फ्रांस सरकार ने भी सिनेमा में योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया है।

बहरहाल विवादों और अपनी फिल्मों के दम पर 5 दशक से सिनेमा पर राज कर रहे कमल हासन अब नई शुरुआत कर रहे हैं। सिनेप्रेमी तो यही चाहेंगे कि कमल राजनीति के साथ ही सिनेमा में भी थोड़ा ही सही, लेकिन सक्रिय रहें।


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Gaurav Nauriyal