Kesari Chapter 2: बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की हालिया रिलीज फिल्म 'केसरी चैप्टर 2' (Kesari Chapter 2) रिलीज के 2 महीने बाद विवादों में आ गई है. इस मूवी को लेकर पश्चिम बंगाल में बड़ा विवाद छिड़ गया है. दरअसल, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने फिल्म पर बंगाल के स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए फिल्म के 7 निर्माताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.
Kesari Chapter 2 के इस सीन पर शुरू हुआ विवाद
टीएमसी का कहना है कि फिल्म 'केसरी चैप्टर 2' में भारत के स्वतंत्रता संग्राम में बंगाल की भूमिका को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है. TMC के मुताबिक, खुदीराम बोस और बरिंद्र कुमार घोष जैसे महान क्रांतिकारियों को फिल्म में गलत नाम और पहचान के साथ दिखाया गया है. खुदीराम बोस को 'खुदीराम सिंह' और बरिंद्र कुमार को 'अमृतसर का बीरेंद्र कुमार' बताया गया है, जो बंगाली पहचान को मिटाने की कोशिश है.
बंगाल के खिलाफ सोची-समझी साजिश- कुणाल घोष
टीएमसी नेता कुणाल घोष और अरूप चक्रवर्ती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि यह सिर्फ एक गलती नहीं बल्कि बंगाल के गौरव को ठेस पहुंचाने की एक सोची-समझी साजिश है. घोष ने आरोप लगाया कि फिल्म में क्रांतिकारी हेमचंद्र कानूनगो की जगह एक काल्पनिक किरदार 'कृपाल सिंह' को रखा गया है, जो बेहद शर्मनाक है.
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ममता बनर्जी ने की कड़ी आलोचना
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फिल्म का नाम लिए बिना इसे भाजपा समर्थित साजिश बताया और कहा कि 'आजादी की लड़ाई में बंगाली क्रांतिकारियों द्वारा निभाई गई भूमिका को कमतर आंकने की कोशिश की जा रही है. हम इसकी निंदा करते हैं. भाजपा बंगाल और हमारी सांस्कृतिक विरासत को निशाना बना रही है.' उन्होंने सेंसर बोर्ड की भूमिका पर भी सवाल उठाए.
भाजपा नेता ने क्या कहा?
वहीं दूसरी ओर भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि टीएमसी एक गैर-मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है. सांसद समिक भट्टाचार्य ने कहा कि फिल्मों में नाम बदलना कोई नई बात नहीं है और इसमें भाजपा को घसीटना अनावश्यक है. फिल्म 'केसरी 2' का निर्देशन करण सिंह त्यागी ने किया है और यह रघु पलात और पुष्पा पलात की किताब 'द केस दैट शुक द एम्पायर' पर आधारित है. फिल्म में अक्षय कुमार के साथ आर. माधवन और अनन्या पांडे मुख्य भूमिका में हैं.
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