फिल्ममेकर अनुराग कश्यप अक्सर अपने बयानों, विवादों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. अनुराग अक्सर कुछ न कुछ बोलकर फंस जाते हैं. लेकिन उनकी बेहतरीन फिल्में आज भी लोगों के दिलों में बसती हैं. आज उनका जन्मदिन है. हर साल 10 सितंबर को अनुराग कश्यप का जन्मदिन होता है. 1972 में गोरखपुर, उत्तर प्रदेश में जन्मे अनुराग आज इंडस्ट्री के जाने-माने डायरेक्टर, लेखक, प्रोड्यूसर और एक्टर हैं. उनकी ब्लैक फ्राइडे, गैंग्स ऑफ वासेपुर, देव डी, अग्ली और मनमर्जियां जैसी फिल्में आज भी लोगों के दिलों में बसती हैं. लेकिन क्या आपको पता है, अनुराग की पहली फिल्म पर बैन लगा दिया गया था? इस फिल्म के लिए अनुराग सेंसर बोर्ड से भी लड़ गए थे. चलिए जानते हैं.
फिल्म इंडस्ट्री में अनुराग अपनी सामाजिक फिल्मों के लिए जाने जाते हैं. उनकी फिल्में समाज के आईने का काम करती हैं. यही कारण है कि इंडस्ट्री में उनकी एक अलग ही पहचान है. लेकिन क्या आपको पता है, जब अनुराग ने अपनी फिल्म बनाई तो उसपर सेंसर बोर्ड द्वारा बैन कर दिया गया था. उनकी पहली फिल्म का नाम ‘पांच’ है, जिसे सेंसर बोर्ड ने बैन कर दिया था. अनुराग ने इस फिल्म को साल 2001 में बनाय था, जो एक क्राइम थ्रिलर थी. सेंसर बोर्ड के मुताबिक इस फिल्म में काफी हिंसा, गाली-गलौज और ड्रग्स का इस्तेमाल खुलकर दिखाया गया था. इसलिए इसपर बैन कर दिया गया था.
इसपर अनुराग कश्यप भड़क गए थे. उनका कहना था कि सेंसर बोर्ड का यह रवैया उनकी आर्टिस्टिक विजन के खिलाफ है. बाद में ये फिल्म रिलीज नहीं हो पाई. इससे अनुराग को कई तरह के नुकशान झेलने पड़े, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और ब्लैक फ्राइडे और गैंग्स ऑफ वासेपुर जैसी मास्टरपीस फिल्में बनाईं.
साल 1998 में आई मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘सत्या’ जबरदस्त सुपरहिट हुई थी. बता दें कि इस फिल्म की स्क्रिप्ट अनुराग कश्यप ने ही लिखी थी. इससे उनको इंडस्ट्री में जबरदस्त पहचान मिली. डायरेक्शन हो, राइटिंग हो या एक्टिंग अनुराग हर जगह छा जाते हैं. डायरेक्टर के तौर पर उन्होंने पहली फिल्म ‘पांच’ बनाई थी, जो रिलीज न हो सकी.