बर्थडे स्पेशल! मोहम्मद रफ़ी के गानों पर 'गाओ रे झूम-झूम'

वो भिखारी अपना पेट भरने के लिए गाने गाकर दुसरो का दिल बहलाया करता था, जो रफ़ी साहब को बेहद पसंद था। रफ़ी साहब का सिंगर बनने के पीछे प्रेरणा उसी भिखारी की है।