Border 2: कौन हैं निर्मलजीत सिंह? जिनके किरदार में नजर आएंगे दिलजीत दोसांझ, पाकिस्तान को दिखा दी थी औकात

बॉर्डर 2 को लेकर फैंस बहुत खुश हैं, इस फिल्म में पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ ने निर्मलजीत सिंह का किरदार निभाया है. आपको बता दें कि निर्मलजीत सिंह ने युद्ध में पाकिस्तान को उसकी औकात दिखा दी थी. आइए जानते हैं...

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By: Shreya Pandey | Published: January 20, 2026 1:00 PM IST

'बॉर्डर' फिल्म की सीक्वल 'बॉर्डर 2' को लेकर दर्शकों में जबरदस्त क्रेज है. इस फिल्म में सबसे ज्यादा चर्चा दिलजीत दोसांझ के किरदार की हो रही है. दिलजीत इस फिल्म में भारतीय वायु सेना के उस जांबाज योद्धा का रोल निभा रहे हैं, जिसने 1971 के युद्ध में अकेले दम पर पाकिस्तान के छह विमानों को परेशान कर दिया था. हम बात कर रहे हैं फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों की. भारतीय वायु सेना के इतिहास में आज तक केवल एक ही परमवीर चक्र दिया गया है, और वह गौरव निर्मलजीत सिंह सेखों के नाम है.

IAF के इकलौते परमवीर चक्र विजेता

1943 में लुधियाना के एक सैन्य परिवार में जन्मे निर्मलजीत सिंह के खून में ही देशभक्ति थी. 1971 की जंग में वे श्रीनगर एयरबेस पर तैनात थे, जो पाकिस्तान के लिए एक रणनीतिक निशाना था. उस दिन पाकिस्तान के पेशावर बेस से 6 घातक F-86 सेबर जेट विमानों ने श्रीनगर हवाई अड्डे को तहस-नहस करने के इरादे से हमला बोला. रनवे पर बम गिर रहे थे. ऐसे में अपनी जान की परवाह किए बिना निर्मलजीत सिंह ने अपने 'फोलैंड ग्नैट' विमान के साथ उड़ान भरी.

पाकिस्तानी दुश्मनों का बुरा किया हाल

तकनीकी कारणों से उनके साथी पायलट से उनका संपर्क टूट गया. अब निर्मलजीत सिंह बिल्कुल अकेले थे और उनके सामने थे दुश्मन के 6 लड़ाकू विमान. निर्मलजीत सिंह ने जो वीरता दिखाई, उसे हवाई युद्ध के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है. उन्होंने हार मानने के बजाय सीधे दुश्मनों पर हमला किया. उन्होंने एक सेबर जेट पर सीधा प्रहार किया. दूसरे विमान में ऐसी आग लगाई कि उसे राजौरी की ओर भागना पड़ा. एटीसी (ATC) ने सेखों को वापस लौटने की सलाह दी क्योंकि उनका विमान भी गोलियों की चपेट में आ गया था, लेकिन वे तब तक लड़ते रहे जब तक दुश्मन भागने पर मजबूर नहीं हो गया.

इस वजह से हुए शहीद

लड़ते-लड़ते निर्मलजीत सिंह का विमान कंट्रोल से बाहर हो गया. कंट्रोल सिस्टम फेल होने के कारण उनका विमान उल्टी दिशा में पहाड़ियों की ओर गिरने लगा. उन्होंने आखिरी वक्त तक 'इजेक्शन' (विमान से बाहर निकलने) की कोशिश की, लेकिन पहाड़ी इलाका होने के कारण वे सफल नहीं हो पाए. हैरानी की बात यह है कि सेना और वायु सेना के तमाम सर्च ऑपरेशंस के बावजूद, निर्मलजीत सिंह के अवशेष आज तक नहीं मिल पाए. उनका विमान कहां गिरा और उनके शरीर का क्या हुआ, यह आज भी एक रहस्य है.

क्यों खास है दिलजीत दोसांझ का यह रोल?

दिलजीत दोसांझ अपनी अदाकारी में जो सादगी और जोश लाते हैं, वह निर्मलजीत सिंह सेखों के किरदार के लिए बिल्कुल सटीक है. 'बॉर्डर 2' के जरिए दुनिया देखेगी कि कैसे पंजाब के एक बेटे ने आसमान की ऊंचाइयों में अपनी शहादत देकर कश्मीर की रक्षा की थी. निर्मलजीत सिंह सेखों की बहादुरी की मिसाल पाकिस्तान भी देता है. ऐसी ही एंटरटेनमेंट खबरों को जानने के लिए पढ़ते रहिए बॉलीवुडलाइफ हिंदी.