बालीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण उन अदाकाराओं में से एक हैं जो अपने अभिनय के साथ -साथ अपनी खूबसूरती के लिए भी सराही जाती हैं। उनकी इन्हीं खासियतों का असर है कि देश और दुनिया का बड़े से बड़ा ब्रांड उनके साथ हाथ मिलाना चाहता है लेकिन दीपिका पादुकोण यूं ही किसी को हां नहीं कहती हैं। वो किसी के साथ भी साझेदारी शुरू करने से पहले कई बार सोचती हैं और फिर हामी भरती हैं। हाल में दीपिका पादुकोण ने जाने-माने डिजाइनर सब्यसाची के लिए फोटोशूट कराया है, जिसे खुद सब्यसाची ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया है। [इसे भी पढ़ें- बॉक्स ऑफिस खबर: पहले ही वीकेंड में 'पद्मावत' ने 'सुल्तान' और 'दिलवाले' समेत 5 फिल्मों को किया ढेर]
जो तस्वीरें सब्यसाची ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की हैं, उनमें दीपिका पादुकोण की खूबसूरती देखते ही बनती हैं। अगर पहली तस्वीर की बात की जाए तो इसमें दीपिका पादुकोण एक कुर्सी पर बहुत ही हल्के गोल्डन रंग की साड़ी पहने दिख रही हैं और उनके चेहरे पर बहुत ही साधारण मेक-अप है। इस तस्वीर में दीपिका पादुकोण के गले में हरे रंग का एक खूबसूरत हार है। जो उनकी सुंदरता में चार चांद लगा रहा है।
दूसरी तस्वीर में दीपिका पादुकोण लाल रंग की साड़ी पहने हुई हैं। इसमें उनके कानों में खूबसूरत झुमके पड़े हुए हैं और माथे पर लाल रंग की बिंदी लगी हुई है। वैसे इन सारी चीजों पर आपकी नजर तब जायेगी जब आप दीपिका की कातिलाना आंखों से नजर हटा पायेंगे।
सब्यसाची ने जो तीसरी तस्वीर साझा की है उसमें केवल दीपिका पादुकोण का चेहरा दिख रहा है। जिसे एक बार देखने के बाद आप देखते ही रह जायेंगे। खास करके दीपिका पादुकोण के माथे का टीका, जो आपका मन मोह लेगा।
फिल्म पद्मावत को मिली अपार सफलता के बाद दीपिका पादुकोण ने मीडिया को बताया है कि, ‘फिल्म पद्मावत की सफलता मेरे लिए कई मायनों में हमारे देश की महिलाओं की सफलता है। यह फिल्म हमें इस बात का जश्न मनाने का मौका देती है कि एक महिलाप्रधान फिल्म होते हुए भी यह सबसे महंगी बॉलीवुड फिल्म बन गयी है। मुझे लगता है कि पद्मावत की सफलता केवल मेरी नहीं है। हमारी इंडस्ट्री में जितनी भी महिलायें काम करती हैं इस फिल्म की जीत उन सभी को समर्पित है।’
दीपिका ने बातों को आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘मुझे लगता है कि इससे कई दूसरी बड़ी महिला प्रधान फिल्मों के लिए भी रास्ते खुल जायेंगे। पद्मावत की कमाई के बाद कई फिल्म निर्माता बड़े बजट की महिला प्रधान फिल्मों का निर्माण करेंगे।’