राकेश ओमप्रकाश मेहरा की 'मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर', अक्षय की 'टॉयलेट: एक प्रेम कथा' से काफी अलग !

अक्षय की फिल्म की कहानी तो इस फिल्म से काफी अलग हैं। अक्षय कुमार के साथ इस फिल्म में भूमि पेड्नेकर भी है। यह फिल्म सैनिटेशन से जुड़ी समस्या को हाईलाइट करती हैं।

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By: Ashwini Dingankar | Published: June 27, 2017 4:30 PM IST

कुछ दिनों पहले अक्षय कुमार ने अपनी टॉयलेट एक प्रेम कथा के ट्रेलर को रिलीज़ किया था। यह फिल्म शौच के बारे में बात करती हैं। इतना ही नहीं हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म औरतो के मासिक धर्म की परेशानी पर रौशनी डालती है। अक्षय की फिल्म का ट्रेलर देख खुद भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस फिल्म के टॉपिक की जमकर तारीफ़ की। अब इस कड़ी में एक और फिल्म तैयार हो रही है। 'रंग दे बसंती','दिल्ली 6' और 'भाग मिल्खा भाग' जैसी हिट फ़िल्में बना चुके राकेश ओम प्रकाश मेहरा अब अपनी आने वाली फिल्म 'मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर' लेकर आ रहे है। जिसका मुख्य उद्देश्य जुग्गी झोपडी में स्वस्थ्य की समस्या को हाईलाइट करना हैं। [इसे भी पढ़ें: लोगों पर चला 'टॉयलेट एक प्रेम कथा' का जादू, मात्र 24 घंटे में 80 लाख लोगों ने देख डाला !!]

वैसे, अब इस मुद्दे को फिल्म से जोड़ना काफी दिलचस्प भरा रहेगा। एक के बाद जैसी बॉलीवुड के मेकर्स स्वछता अभियान को अपनी फिल्मों का सब्जेक्ट बना रहे हैं। हालांकि, राकेश की माने तो उनकी यह फिल्म अक्षय की टॉयलेट से काफी अलग होने वाली है। उन्होंने बताया की मेरी फिल्म जुग्गी झोपडी की परेशानी को हाईलाइट करेंगी। यह फिल्म स्वच्छता के मुद्दे पर के साथ वह रह रहे लोगो की परेशानियों की कहानी है। इस कहानी में माँ-बेटे का एंगल जोड़ा गया हैं जो हमारे प्यार प्राइम मिनिस्टर से यह दरख्वास्त करता हैं कि उसकी माँ के लिए एक शौचालय बनाया जाए।

अक्षय की फिल्म की कहानी तो इस फिल्म से काफी अलग हैं। अक्षय कुमार के साथ इस फिल्म में भूमि पेड्नेकर भी हैं यह फिल्म सैनिटेशन से जुड़ी समस्या को हाईलाइट करती हैं। फिल्म के ट्रेलर को हर जगह से वाह वाही मिली थी। यह मूवी 11 अगस्त को रिलीज होने वाली है।

इतना ही नहीं इनदिनों राकेश जी 'मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर' को घाटकोपर की एक झुग्गी बस्ती में फिल्मा रहे हैं। इतना ही नहीं उन्हें (बीएमसी) से एनओसी मिल गई है, अब वहां शौचालयों का निर्माण करने जा रहे है। राकेश ओम प्रकाश मेहरा ने अब अगले 4 सालों में 800 टाॅयलेट बनाने का टारगेट रखा है।