दादासाहेब फाल्के ने साल 1913 में इंडियन सिनेमा की नींव रखी थी. उन्होंने अपनी पहली फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' बनाई थी जो कि एक मूक फिल्म थी. दिलचस्प बात ये है कि इस फिल्म में नजर आने वाले सभी कलाकार पुरुष थे. यानी पुरुषों ने ही महिलाओं का भी किरदार निभाया था. दरअसल, उस जमाने में महिलाओं का फिल्मों में काम करना बहुत खराब माना जाता था, जिसके चलते सिनेमा में महिलाएं नहीं आती थीं. दादासाहेब फाल्के ने भले ही फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' बिना महिलाओं के बना ली लेकिन वह संतुष्ट नहीं हुए. फिर साल 1913 में दादासाहेब फाल्के ने फिल्म 'मोहिनी भस्मासुर' (Mohini Bhasmasur) बनाने का फैसला किया लेकिन महिला के किरदार के लिए फीमेल आर्टिस्ट खोजने की शुरुआत की. दुर्गाबाई कामत (Durgabai Kamat) पर जाकर दादासाहेब फाल्के की खोज समाप्त हुई और उन्होंने फिल्म 'मोहिनी भस्मासुर' में काम किया. इस तरह से दुर्गाबाई कामत इंडियन सिनेमा की पहली एक्ट्रेस बन गईं. आइए जानते हैं कि उन्होंने कितनी पढ़ाई की थी और उनकी जिंदगी पर भी एक नजर डालते हैं.
दुर्गाबाई कामत का 1879 में हुआ था जन्म
दुर्गाबाई कामत का जन्म साल 1879 में हुआ था और उन्होंने सिर्फ सातवीं तक पढ़ाई की थी. उस जमाने इतनी पढ़ाई का काफी महत्व होता था. दुर्गाबाई कामत की साल 1899 में मुंबई के जेजे स्कूल ऑर्ट्स के टीचर आनंद नानोंस्कर के साथ शादी हुई थी. दोनों के एक बेटी कमलाबाई हुई. दोनों की शादी कुछ साल बाद ही टूट गई और इसके बाद दुर्गाबाई कामत के ऊपर बेटी के पालन पोषण की जिम्मेदारी आ गई. इसके साथ ही उस समय पति से अलग हुई महिला की समाज में इज्जत नहीं होती थी. फिर उनकी मुलाकात दादासाहेब फाल्के से हुई और उन्होंने दुर्गाबाई कामत फिल्मों में काम करने का ऑफर दिया लेकिन वह तैयार नहीं हुईं. हालांकि, सिनेमा के जनक उन्हें लगातर समझाते रहे और अपनी बात मनवाने में कामयाब हुए. इसके बाद दुर्गाबाई कामत ने फिल्म 'मोहिनी भस्मासुर' से डेब्यू किया और इंडियन सिनेमा की पहली एक्ट्रेस बन गईं.
दुर्गाबाई कामत की फैमिली ने आगे बढ़ाई विरासत
दुर्गाबाई कामत ने फिल्म 'मोहिनी भस्मासुर' में पार्वती का रोल किया और उनकी बेटी कमलाबाई ने मोहिनी का किरदार निभाया. इस तरह से कमलाबाई इंडियन सिनेमा की पहली चाइल्ड आर्टिस्ट बन गईं. बताया जाता है कि जब फिल्म 'मोहिनी भस्मासुर' बनकर रिलीज हुई तो लोगों ने इसका बहिष्कार करना शुरू कर दिया और साथ ही दुर्गाबाई कामत का भी विरोध का सामना करना पड़ा. इस तरह से दुर्गाबाई कामत ने समाज की परवाह ना करते हुए इंडियन सिनेमा में काम करना शुरू किया था. बताते चलें कि इसके बाद दुर्गाबाई कामत की फैमिली ने उनकी विरासत को आगे बढ़ाया. उनकी बेटी कमलाबाई ने फिल्मों में काम किया. कमलाबाई के बेटे चंद्रकांत गोखले मराठी सिनेमा के बहुत बड़े आर्टिस्ट रहे हैं. चंद्रकांत गोखले के बेटे विक्रम गोखले ने बॉलीवुड की कई फिल्मों में काम किया है. दुर्गाबाई कामत का साल 1997 में 118 साल की उम्र में निधन हो गया था. गौरतलब है कि दुर्गाबाई कामत ने बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार के जन्म से 9 साल पहले 1913 में डेब्यू किया था. ऐसी ही एंटरटेनमेंट (Entertainment News) की लेटेस्ट खबरों के लिए बॉलीवुडलाइफ के साथ बने रहिए.
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