महाभारत' में कर्ण का किरदार निभाने वाले अभिनेता पंकज धीर अब इस दुनिया में नहीं हैं. पंकज धीर भले ही आज ना हो लेकिन इनके किरदार हमेशा अमर रहेंगे. पंकज धीर ने महाभारत में कर्ण का किरदार निभाया था, करनाल और बस्तर जैसे शहरों में उनके नाम पर मंदिर तक बने हुए हैं, जहां लोग उन्हें भगवान कर्ण के रूप में पूजते थे. हालांकि, बहुत कम लोग यह जानते हैं कि एक दौर ऐसा भी था, जब पंकज धीर के परिवार को गंभीर आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा था. पंकज धीर के परिवार की खराब आर्थिक हालत के पीछे उस दौर की मशहूर एक्ट्रेस गीता बाली और उनके पिता सीएल धीर की एक फिल्म थी.
इस एक्ट्रेस की वजह से हुआ नुकसान
पंकज धीर के पिता सीएल धीर एक लोकप्रिय डायरेक्टर थे, जिन्होंने वी शांताराम के साथ काम करने के बाद 'बहू बेटी', 'रैन बसेरा' जैसी कई फिल्मों को डायरेक्ट और प्रोड्यूस की थीं. सीएल धीर ने गीता बाली के साथ फिल्म 'रानो' बनाने का फैसला किया. दोनों इस फिल्म के को-प्रोड्यूसर थे और उन्होंने बराबर पैसा लगाया था. फिल्म की शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी थी, सिर्फ तीन दिनों का काम गीता बाली के हिस्से में था. लेकिन तभी गीता बाली को स्मॉलपॉक्स हो गया. बीमारी की खबर मिलते ही गीता बाली को मुंबई शिफ्ट किया गया, लेकिन उनकी हालत बिगड़ती चली गई. पंकज धीर ने बताया था कि अपने अंतिम समय में गीता बाली ने उनके पिता सीएल धीर से कहा था कि "मेरे जाने के बाद इस फिल्म को छोड़ दीजिए."
डिप्रेशन में चले गए पंकज धीर के पिता
पंकज धीर ने बताया कि गीता बाली की मौत के बाद दिलीप कुमार और मीना कुमारी उनके पिता से मिलने आए थे. उन्होंने कहा कि फिल्म को मीना कुमारी के साथ पूरा कर लिया जाए, जिससे मेहनत और पैसा बर्बाद न हो. लेकिन सीएल धीर अपने वादे से नहीं मुकर सके. जिस वजह से ये कभी रिलीज नहीं हुई, पूरा पैसा डूब गया, और परिवार पर गहरा आर्थिक संकट टूट पड़ा. पंकज धीर ने पिता सीएल धीर डिप्रेशन में चले गए. उस मुश्किल समय में पंकज धीर ने अपनी फैमिली की जिम्मेदारी उठाई. पैसों की तंगी के कारण उन्हें बहुत जल्द काम शुरू करना पड़ा ताकि घर चल सके. ऐसी ही एंटरटेनमेंट खबरों को जानने के लिए पढ़ते रहिए बॉलीवुडलाइफ हिंदी.
Subscribe Now
Enroll for our free updates