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'पाइल्स और फाइल्स को अवॉर्ड...', नेशनल अवॉर्ड पर प्रकाश राज ने दिया ऐसा भयंकर बयान, मच गया बवाल

Prakash Raj On National Award: प्रकाश राज ने नेशनल अवॉर्ड पर अपने बयान से हर किसी को हैरान कर दिया. इस बयान में अभिनेता ने आरोप लगाया है कि नेशनल अवॉर्ड में छेड़छाड़ होती है.

By: Kavita  |  Published: November 4, 2025 9:59 AM IST

'पाइल्स और फाइल्स को अवॉर्ड...', नेशनल अवॉर्ड पर प्रकाश राज ने दिया ऐसा भयंकर बयान, मच गया बवाल

Prakash Raj on National Award: दिग्गज अभिनेता प्रकाश राज ने अपनी फिल्मों में कई शानदार रोल निभाए हैं, लेकिन आज के समय में वह अपने बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में रहते हैं. प्रकाश राज ने कई ऐसे विवादित बयान दिए हैं, जिससे बवाल खड़ा हुआ है और इस बार उन्होंने नेशनल अवॉर्ड पर विवादित बयान दिया है. प्रकाश राज ने आरोप लगाया है कि नेशनल अवॉर्ड में छेड़छाड़ की जाती है और ये उन्होंने तब कहा जब अभिनेता को केरल स्टेट अवॉर्ड्स के जूरी मेंबर का हिस्सा बनाया गया, जिसके बाद उन्होंने कहा कि नेशनल अवॉर्ड ममूटी के लायक नहीं.

ममूटी मिलेगा नेशनल अवॉर्ड?

दरअसल प्रकाश राज (Prakash Raj) 55 वें केरल स्टेट अवॉर्ड्स के जूरी मेंबर बने और इस अवॉर्ड नाइट में ममूटी ने बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड अपने नाम किया. अवॉर्ड नाइट में उनसे जूरी मेंबर का हिस्सा बनने का अनुभव पूछा गया, जिसके जवाब में उन्होंने अपने बयान से हर किसी को हैरान कर दिया. इस दौरान उनसे ये भी पूछा गया कि उन्हें ममूटी के नेशनल अवॉर्ड जीतने की कितनी उम्मीद थी? अभिनेता ने कहा कि ब्रमयुगम में ममूटी ने शानदार अभिनय किया है. शुरुआती एक्टर्स को अभी वैसे एक्सप्रेशन लाने में काफी वक्त लगेगा. यह कोई दान नहीं है. हमें सही इंसान को अवॉर्ड देना होता है. अगर ममूटी इस उम्र में भी उपयुक्त हैं तो हमें उनसे कुछ सीखने की जरूरत है. बता दें कि ममूटी तीन बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके हैं.

नेशनल अवॉर्ड पर बोले प्रकाश राज

अभिनेता ने आगे कहा कि मुझे यह कहने में कोई आपत्ति नहीं है कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के साथ समझौता किया जा रहा है. मैं केरल में जूरी अध्यक्ष बनकर बहुत खुश हूं क्योंकि जब उन्होंने मुझे बुलाया था, तो उन्होंने कहा था कि हमें एक अनुभवी बाहरी व्यक्ति की जरूरत है और हम इसमें दखल नहीं देंगे. हम आपको फैसला लेने देंगे. लेकिन राष्ट्रीय पुरस्कारों में ऐसा नहीं हो रहा है और हम इसे तब देखते हैं जब ढेरों फाइलों और ढेरों को पुरस्कार मिल रहे हैं. अगर ऐसी जूरी और सरकार है, तो वे ममूटी के लायक नहीं हैं.