Doordarshan Serial: दूरदर्शन के इस सीरियल की वजह से राजीव गांधी ने कैंसिल कर दी थी रैली, आज भी घर-घर में है फेमस

आज हम आपको दूरदर्शन के एक ऐसे सीरियल के बारे में बता रहें हैं, जिसके लिए प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अपनी रैली कैंसिल कर दी थी. वहीं इस सीरियल की वजह से ट्रेन भी लेट होने लगा था.

By: Shreya Pandey  |  Published: December 30, 2025 2:18 PM IST

Doordarshan Serial: दूरदर्शन के इस सीरियल की वजह से राजीव गांधी ने कैंसिल कर दी थी रैली, आज भी घर-घर में है फेमस

भारतीय टेलीविजन के इतिहास में रामानंद सागर और उनकी 'रामायण' एक ऐसा सीरियल है, जिसने मनोरंजन की दुनिया के साथ लोगों के मन में श्रद्धा भक्ति भी बनाई. रामानंद सागर द्वारा बनाया गया यह सीरियल भारत के हर घर में देखा गया था. वहीं इस सीरियल का क्रेज लोगों में आज भी है. आज भी जब राम या सीता का जिक्र होता है तो रामानंद सागर द्वारा बनाया गया इसी रामायण का ख्याल आता है. 'रामायण' का प्रभाव केवल आम जनता तक सीमित नहीं था. इसकी लोकप्रियता का आलम यह था कि देश की राजनीति और रेलवे की रफ्तार भी इसके आगे ठहर जाती थी. 'रामायण' के प्रति लोगों की दीवानगी ही नहीं बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी भी इस सीरियल के दीवाने थे. आइए जानते हैं...

राजीव गांधी ने कैंसिल की रैली

रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर ने एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया था कि एक बार रविवार की सुबह 9 बजे उत्तर प्रदेश में राजीव गांधी की एक बड़ी रैली थी. लेकिन जब प्रधानमंत्री को यह अहसास हुआ कि रविवार सुबह 9 बजे पूरा देश टीवी सेट के सामने 'प्रभु श्री राम' के दर्शन के लिए बैठा होगा और कोई भी रैली में नहीं आएगा, तो उन्होंने अपनी जनसभा रैली का समय बदल दिया. यह किसी टीवी के लिए बहुत बड़ी बात है कि देश का प्रधानमंत्री भी उसके समय का इंतजार कर रहा था. यह शो बहुत हिट हुआ और लोगों ने इसे बहुत ज्यादा पसंद किया. वहीं इस सीरियल के बाद रामानंद सागर ने कई और पौराणिक और शानदार सीरियल बनाया.

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रामायण के लिए लेट हो जाती थी ट्रेनें

उत्तर प्रदेश के रामपुर रेलवे स्टेशन से जुड़ा एक और हैरान करने वाला वाकया है. रेलवे अधिकारियों ने गौर किया कि हर रविवार सुबह 9 बजे ट्रेनें लेट होने लगती थीं. जब इसकी जांच की गई, तो पता चला कि रेलवे स्टाफ ने आपसी सहयोग से वेटिंग रूम के लिए एक टीवी खरीदा था. रविवार सुबह जैसे ही 'रामायण' शुरू होती, यात्री तो यात्री, खुद रेलवे कर्मचारी भी काम छोड़कर टीवी के सामने जम जाते थे. ट्रेन को सिग्नल देने वाले से लेकर उसे चलाने वाले तक, सब राम-भक्ति में लीन हो जाते थे, जिस कारण ट्रेनें अपने समय से पिछड़ जाती थीं. ऐसी ही एंटरटेनमेंट खबरों को जानने के लिए पढ़ते रहिए बॉलीवुडलाइफ हिंदी.