बड़ी अजीब घटना है! अजीब इसलिए कि सब्यसाची मुखर्जी को जिस साड़ी ने फैशन इंडस्ट्री का सिरताज बना दिया आज उसी साड़ी को लेकर इस टैलेंटेड और 'कल्ट' डिजाइनर की हिन्दुस्तान में छीछालेदार हो रही है। लोग सब्यसाची के डिजाइन को भूलकर इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि आखिर महिलाओं को लेकर सब्यसाची इतनी मगरूरता से कैसे बयान दे सकते हैं! सब्यसाची ने 'मास्टरस्ट्रोक' के चक्कर में बात ही ऐसी कह दी, जो आसानी से गले नहीं उतरती।
हुआ यूं कि एक इवेंट में इस मशहूर फैशन डिजाइनर ने साड़ी पहनने का तरीका नहीं जानने वाली भारतीय महिलाओं के लिए 'शर्म' शब्द का उपयोग किया और उनके इसी कमेंट पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की। पिछले सप्ताह हॉरवर्ड भारत सम्मेलन में कोलकाता के फैशन डिजायनर से भारतीय युवतियों में साड़ी के लिए दिलचस्पी की कमी पर प्रश्न पूछा गया था, जिसपर इस सेलिब्रिटी डिजायनर ने कहा था- 'मुझे लगता है, अगर आप मुझसे कहो कि आपको साड़ी पहननी नहीं आती है तो मैं आपसे कहूंगा कि आपको 'शर्म' आनी चाहिए। यह आपकी संस्कृति का हिस्सा है। आपको इसके लिए आवाज उठाने की जरूरत है।' अब हालांकि सब्यसाची ने माफी मांगते हुए एक खुला पत्र लिखा है।
सब्यसाची ने शायद ही कभी सोचा हो कि ये एक बयान ही उनकी छवि पर बट्टा लगा सकता है। इस रिपोर्ट में आगे आपको उस सब्यसाची की कहानी बता रहे हैं, जो युवा था और अपने नए आइडियाज को लेकर फैशन की दुनिया में आया। आज अपनी इंडस्ट्री में 'कल्ट फीगर' का मुकाम हासिल कर चुके सब्यसाची की ड्रेसेस खासकर साड़ी की हर बॉलीवुड दीवा दीवानी है। हाल ही में सब्यसाची अपने इस बयान से पहले एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा के लिए लिए उनकी वेडिंग आउटफिट्स डिजाइन करने के लिए आम भारतीयों के बीच चर्चाओं में आए थे। अनुष्का ने सब्यसाची की ही डिजाइन की हुई साड़ी अपनी शादी के दिन पहनी थी।
परिवार था फैशन इंडस्ट्री में कॅरियर बनाने के खिलाफ
सब्यसाची का जन्म कलकत्ता के एक मिडिल क्लास बंगाली परिवार में हुआ जो अपनी परंपराओं के जितना करीब था, उतना ही फैशन को लेकर एक तरह से 'पिछ़डा' हुआ। शुरुआत में जब सब्यसाची ने अपने परिवार के सामने फैशन इंडस्ट्री में कॅरियर बनाने का विचार रखा तो इसे खारिज कर दिया गया था। सब्यसाची का परिवार नहीं चाहता था कि वह फैशन के फील्ड में जाएं। परिवार ने सब्यसाची का साथ नहीं दिया। इसके बावजूद सब्यसाची अड़े रहे और उन्होंने अपने सपने के और करीब जाने के लिए अपनी किताबें बेच दी। पहली सफलता सब्यसाची के हाथ लगी नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ फैशन टेक्नोलॉजी में एडमिशन के रूप में और यहीं से मिला फैशन इंडस्ट्री को अपना नया मास्टर, जिसके काम में भारत की समृद्ध परंपरा की झलक भी थी और आधुनिकता का टच भी।
3 लोगों के साथ शुरू किया था अपना ब्रैंड
1999 की गर्मियों में सब्यसाची नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ फैशन टेक्नोलॉजी से पासआउट हुए। कॉलेज में ही सब्यसाची के डिजाइन तारीफ पाने लगे थे। दिलचस्प बात यह है कि सब्यसाची कॉलेज से केवल डिग्री लेकर ही नहीं निकले, बल्कि 3 अवॉर्ड भी साथ में ले गए। इससे सब्यसाची का आत्मविश्वास बढ़ने लगा था। कॉलेज से निकलने के 4 महीने बाद ही सब्यसाची ने 3 कारीगरों को साथ लेकर अपना ब्रांड शुरू किया, लेकिन पहली बड़ी सफलता हाथ लगी वर्ष 2001 में। सब्यसाची ने अपने काम के बूते इसी साल फेमिना ब्रिटिश कॉउंसिल का 'यंग डिजाइनर आॅफ इंडिया अवॉर्ड' जीता।
2002 के बाद बदल गई दुनिया
'यंग डिजाइनर आॅफ इंडिया अवॉर्ड' जीतने के एक साल बाद ही यानी कि 2002 में सब्यसाची ने इंडिया फैशन वीक में अपना डेब्यू कलेक्शन पेश किया और पूरी कहानी यहीं से बदल गई। सब्यसाची के कलेक्शन ने नेशनल और इंटरनेशनल मीडिया में शानदार रिव्यूज हासिल किए। इसके बाद की कहानी पूरी दुनिया जानती है।
'साड़ी' और वेडिंग ड्रेसेस के लिए मशहूर है सब्यसाची
सब्यसाची अपनी डिजाइनर साड़ियों और लहंगों के लिए पहचाने जाते हैं। उनके कलेक्शन न केवल महंगे हैं बल्कि लोअर मिडिल क्लास की पहुंच से बाहर भी हैं। 'क्लास' के लिए काम करने वाले सब्यसाची की ड्रेसेस की कीमत 30 हजार रुपए से 6 लाख रुपए तक है।
आज शायद ही कोई ऐसी बॉलीवुड एक्ट्रेस हो जिसने सब्यसाची की डिजाइन की हुई साड़ी न पहनी हो। एश्वर्या राय बच्चन, श्रीदेवी, विद्या बालन, अनुष्का शर्मा, रानी मुखर्जी, दीपिका पादुकोण, बिपाशा बसु, हेमा मालिनी ऐसी ही अभिनेत्रियां हैं जो सब्यसाची की साड़ी में ही अक्सर नजर आती हैं। इसके अलावा सब्यसाची ने 'गुजारिश', 'रावन' और 'ब्लैक' जैसी फिल्मों के लिए भी कॉस्ट्यूम डिजाइन किए हैं।
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