बॉलीवुड के सदाबहार एक्टर धर्मेंद्र (Dharmendra) ने आखिरकार अपने फैंस को अलविदा कह दिया है. जन्मदिन से ठीक पहले ही धर्मेंद्र का जाना फैंस को रास नहीं आ रहा है. यही वजह है जो लोग लगातार धर्मेंद्र को नम आंखों से श्रद्धांजलि दे रहे हैं. धर्मेंद्र के कई फैंस को जमकर आंसू बहाते हुए देखा गया है. अब ये तो होना ही था... एक जमाना था जब धर्मेंद्र ने फैंस के दिलों पर राज किया था. धर्मेंद्र की एक लाइन पूरे शहर का चक्का जाम कर देती थी. एक बार तो ऐसा हो गया था कि राजस्थान के बीकानेर में वीरू बनकर धर्मेंद्र ने बवाल खड़ा कर दिया था. 21 साल पहले साल 2004 में धर्मेंद्र बीकानेर से सांसद चुने गए थे. धर्मेंद्र ने उस जमाने में कांग्रेस के दिग्गज नेता रामेश्वर डूडी को करीब 57 हजार वोट्स से पटखनी दी थी. जिसके बाद 5 साल तक धर्मेंद्र ने बीकानेर पर राज किया. इस दौरान धर्मेंद्र ने बीकानेर के लिए बहुत काम करवाए.
धर्मेंद्र ने बीकानेर के लोगों को दिया ये सरप्राइज
मौका मिलने पर धर्मेंद्र ने सूरसागर तालाब का जीर्णोद्धार भी करवाया था. सूरसागर तालाब के आसपास एक पिकनिक स्पॉट बनाया गया. हालांकि धर्मेंद्र का ये क्रेडिट कोई और ले गया. एक बार धर्मेंद्र ने लोगों के सामने इस बात का जिक्र भी किया था. धर्मेंद्र ने दावा किया था कि राजनीति के दांव पेंच उनकी समझ से बाहर हैं. बीकानेर में समय बिताने के बाद धर्मेंद्र को एहसास हुआ कि वो राजनीति में ज्यादा नहीं टिक सकते.
धर्मेंद्र ने कर ली राजनीति से तौबा
एक बार धर्मेंद्र बीकानेर में कई दिन रुके थे. इस दौरान धर्मेंद्र वहां के सर्किट हाउस में रुके थे. यहां पर धर्मेंद्र ने लोगों की खूब परेशानियां सुनी थीं. बताया जाता है कि बीकानेर को लोग धर्मेंद्र से काफी खफा थे. ऐसे में धर्मेंद्र ने लोगों की परेशानी फिल्म शोले का एक डायलॉग सुनाकर दूर की थी. इस दौरान धर्मेंद्र अपने एक फैन की फोटो कलर लैब का उद्घाटन करने भी गए थे. ये फैन धर्मेंद्र से इतना खुश हुआ कि उसने इस लैब का नाम धर्मेंद्र ही रख दिया था. हालांकि ये आखिरी बार था जब धर्मेंद्र ने राजनीति में रहने की कोशिश की. जिसके बाद धर्मेंद्र कभी भी नेतागिरी के चक्कर में नहीं पड़े.
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