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नहीं रहें फिल्म 'शोले' के 'सूरमा भोपाली', दिग्गज कलाकार जगदीप ने मुंबई में ली अंतिम सांस

'अफसाना' से लेकर 'पुराना मंदिर' और 'अंदाज अपना अपना' जैसी फिल्मों में जगदीप ने अहम रोल अदा किया था। फिल्म 'शोले' के सूरमा भोपाली के रुप में उन्हें खास पहचान मिली थी।

By: Garima Singh  |  Published: July 9, 2020 8:07 AM IST

नहीं रहें फिल्म 'शोले' के 'सूरमा भोपाली', दिग्गज कलाकार जगदीप ने मुंबई में ली अंतिम सांस

साल 2020 बॉलीवुड इंडस्ट्री को एक के बाद एक बड़ा झटका देता जा रहा है। फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने कॉमेडियन और अभिनेता जगदीप अब हमारे बीच नहीं रहें। जगदीप 81 साल के थे और बीते कुछ दिनों से वो बढ़ती उम्र में होने वाली दिक्कतों से परेशान चल रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी बताया जा रहा है कि जगदीप (Jagdeep) कैंसर से भी पीड़ित थे। बीते बुद्धवार को रात 8.40 बजे मुंबई में जगदीप का निधन हो गया है। खबरें है कि जगदीप ने मुंबई स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली है। अपने फिल्मी करियर में जगदीप ने 400 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया था और अपने जबरदस्त कॉमिक टाइमिंग से वो हर किसी के चेहरे पर मुस्कान ले आया करते थे।

'अफसाना' से लेकर 'पुराना मंदिर' और 'अंदाज अपना अपना' में जगदीप ने अहम रोल अदा किया था। साल 1975 में आई हिंदी सिनेमा की बेस्ट फिल्मों में से एक 'शोले' में जगदीप ने सूरमा भोपाली का किरदार अदा किया था। जगदीप का ये किरदार लोगों के बीच इतना मशहूर हुआ कि लोग उन्हें सूरमा भोपाली के ही नाम से जानने लगे थे।

जगदीप का जन्म साल 1939 में हुआ था और उनका असली नाम सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी था। पिता के निधन के बाद जब जगदीप के कंधों पर जिम्मेदारी आ गई थी तो वो अपनी मां के साथ मुंबई आ गए थे। मुंबई आकर जगदीप की मां एक अनाथालय में काम करने लगी थी और मां को मेहनत करता देखकर जगदीप ने भी सामान बेचकर पाई-पाई जुटाना शुरु कर दिया था।

पहली फिल्म के लिए मिले थे 3 रुपए

कम उम्र में ही जगदीप ने फिल्मी दुनिया में हाथ आजमाना शुरु किया और साल 1951 में आई फिल्म 'अफसाना' में उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम किया था। इस फिल्म के लिए जगदीप को फीस के तौर पर कुल 3 रुपए मिले थे। खैर, इस फिल्म के बाद जगदीप ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा था। 3 साल बाद ही उन्हें 'दो बीघा जमीन' का ऑफर मिला था।


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Garima Singh