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ये राज्य शूटिंग के लिए देते हैं 5 करोड़ तक की सब्सिडी, कई फिल्ममेकर्स उठा रहे लाभ

फिल्ममेकर्स को अपने स्टेट में शूटिंग करने के लिए लुभा रहे कई ऐसे भी राज्य हैं जो कम बजट की फिल्मों के टोटल बजट से भी कई ज्यादा सब्सिडी देते हैं।

By: Gaurav Nauriyal  |  Published: February 20, 2018 11:36 AM IST

ये राज्य शूटिंग के लिए देते हैं 5 करोड़ तक की सब्सिडी, कई फिल्ममेकर्स उठा रहे लाभ

भारत में फिल्ममेकिंग कभी भी सस्ता सौदा नहीं रहा है। फिल्ममेकर केवल बजट के इंतजार में ही कई साल इंडस्ट्री में स्ट्रगल कर गुजार देते हैं। इसका असर न केवल कहानियों बल्कि कहानी के हिसाब से प्रोडक्शन के खर्च पर भी पड़ता है। कुल मिलाकर फिल्म बनाना सस्ता सौदा नहीं है, लेकिन यदि हम आपसे कहें कि आप फिल्म बनाने की तैयारी कीजिए और इसके लिए सरकार आपको पैसे देगी तो क्या आप यकीन करेंगे! नहीं न, लेकिन ऐसा असल में है। सरकार की कुछ ऐसी पॉलिसी हैं, जिनका फायदा 'जानकार' फिल्ममेकर्स उठा रहे हैं। भारत के कई राज्य अपने टूरिस्ट स्पॉट के साथ ही राज्य के प्रमोशन के लिए फिल्ममेकर्स को भारी भरकम सब्सिडी देते हैं।

फिल्ममेकर्स को अपने स्टेट में शूटिंग करने के लिए लुभा रहे कई ऐसे भी राज्य हैं जो कम बजट की फिल्में मसलन 'मसान', 'न्यूटन', 'कड़वी हवा', 'तलवार', 'खोसला का घोसला', 'उड़ान', 'फंस गए रे ओबामा' और 'आंखो देखी' जैसी चर्चित फिल्मों के टोटल बजट से भी कई ज्यादा सब्सिडी देते हैं। ये सब्सिडी अलग-अलग कैटेगरी और फिल्म की स्क्रिप्ट के आधार पर तय की जाती है। इनमें कई राज्य तो ऐसे हैं जो इंडिपेंडेंट फिल्ममेकर्स की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।

इसलिए फिल्ममेकर्स की पहली पसंद बना उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार फिल्ममेकर्स को सब्सिडी देने के मामले में नंबर वन पर है। इसी के चलते यूपी बड़े प्रोडक्शन हॉउस और स्वतंत्र फिल्मकारों की पहली पसंद बनता जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार 2 करोड़ रुपए तक की सब्सिडी यूपी में शूट होने वाली फिल्मों को देती है। इसके अलावा यदि कोई फिल्मकार यूपी में ही अपनी फिल्मों को शूट करता है तो उसे सरकार 3 करोड़ 75 लाख तक की सब्सिडी ऑफर करती है।

इसके अलावा यूपी सरकार राज्य के कलाकारों को फिल्म में लेने पर 25 से 50 लाख रूपए तक की अतिरिक्त सब्सिडी भी देती है। फिल्ममेकर्स के लिए यूपी सरकार की दरियादिली यहीं खत्म नहीं होती, बल्कि राज्य के किसी भी टूरिस्ट स्पॉट या फिर राज्य की पॉजिटिव ब्रांंडिग करने पर 5 लाख रूपए तक अतिरिक्त पैसा भी दिया जाता है।

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रीजनल सिनेमा को भी प्रमोट कर रही यूपी सरकार
यूपी सरकार अपने यहां रीजनल सिनेमा जैसे अवधी, बुन्देली, ब्रज और भोजपुरी को प्रमोट करने के लिए भी अच्छी—खासी सब्सिडी फिल्ममेकर्स को देती है। इसके अलावा क्षेत्रीय फिल्मों को प्रमोट करने के लिए सरकार 2 हफ्ते की स्क्रीनिंग की गारंटी भी फिल्ममेकर्स को देती है।

यूपी से आगे झारखंड सरकार
झारखंड सरकार ने भी पिछले कुछ वर्षों में अपने राज्य की ब्रांडिग करने और फिल्ममेकर्स को लुभाने के लिए राज्य की फिल्म पॉलिसी में सुधार किया है। झारखंड सरकार मौजूदा समय में झारखंड में शूट होने वाली फिल्मों को 3 करोड़ रूपए तक की सब्सिडी दे रही है। इसके अलावा स्थानीय भाषा में बनने वाली या फिर हिंदी फिल्मों के टोटल बजट का 50 फीसदी तक खर्च सरकार वहन कर रही है। हालांकि, ऐसा फिल्म के ज्यादातर हिस्से को झारखंड में ही शूट करने पर होता है, जिसके लिए एक तय रकम फिक्स की गई है।

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मध्यप्रदेश ने फिल्म हब बनाने के लिए किया ये प्रयोग
शिवराज सरकार ने मध्यप्रदेश को फिल्मों का हब बनाने के लिए सबसे यूनीक तरीका अपनाया है। सरकार उन फिल्ममेकर्स को 15 फीसदी सब्सिडी देती है जो शूट के लिए राज्य में परमानेंट सेट बनवाते हैं। हालांकि इसके लिए प्रोडक्शन यूनिट को 3 करोड़ का इन्वेस्टमेंट करना जरूरी है। इसके अलावा राज्य का टूरिज्म डिपार्टमेंट शेट कंस्ट्रक्शन के लिए 5 करोड़ तक की सब्सिडी भी देता है। साथ ही यूनिट के रहने और ठहरने पर 40 फीसदी डिस्काउंट का आॅफर भी एमपी सरकार प्रोड्यूसर्स को देती है। इसी के चलते 'आन: इन 1952' से 'पैडमैन' तक तकरीबन 65 फिल्मों की शूटिंग एमपी में हो चुकी है। प्रकाश झा अब अपनी तकरीबन सभी फिल्मों की शूटिंग यहीं करते हैं।

फिल्मों का गढ़ महाराष्ट्र भी दे रहा ये आॅफर
महाराष्ट्र सरकार मराठी फिल्मों को 15 लाख रूपए से लेकर 40 लाख रूपए तक प्रोड्यूसर्स को पैसा देती है। ये प्रोड्यूसर्स के द्वारा फिल्म के लिए उपयोग में लाए गए सरकार के संसाधनों पर भी निर्भर करता है। सरकार हर साल ऐसे 5 प्रोड्यूसर्स का ही चुनाव करती है और इसमें स्क्रिप्ट महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। सब्सिडी के अलावा स्क्ल्डि वर्कफोर्स भी महाराष्ट्र को फिल्ममेकर्स के लिए लोकप्रिय डेस्टीनेशन बनाती है।

ये राज्य भी देते हैं फिल्ममेकर्स को आॅफर
उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र और झारखंड की ही तरह केरल, आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडू, कर्नाटक, गोवा, पंजाब और गुजरात जेसे राज्य भी फिल्ममेकर्स को लुभाने के लिए कई तरह के टैक्सेस में छूट के साथ ही सब्सिडी भी उपलब्ध करवाती है। केरल स्टेट फिल्म डेवलपमेंट बोर्ड फीचर फिल्म और डॉक्यूमेंट्री फिल्मों की श्रेणी में ये सब्सिडी मुहैया करवाती है। केरल सरकार सामान्य तौर पर 37 हजार से लेकर एक लाख 87 हजार 5 सौ रूपए तक की सब्सिडी अपने राज्य में शूट होने वाली फिल्मों को देती है, लेकिन यदि कोई फिल्म स्टेट फिल्म अवॉर्ड में जगह बना लेती है तो ये सब्सिडी 6 लाख रूपए तक की हो जाती है। इसके अलावा नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीतने वाली फिल्मों को 2 लाख रूपए तक की सब्सिडी केरल सरकार देती है।

गोवा देता है 50 प्रतिशत सब्सिडी या 20 लाख रूपए
गोवा सरकार कोंकणी, मराठी, हिंदी और इंग्लिश फिल्मों को राज्य में फिल्माने पर फिल्ममेकर्स को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी या फिर 20 लाख रूपए की मदद करती है। हालांकि यह आॅफर उन फिल्ममेकर्स के लिए ही है जो गोवा का स्थानीय निवासी हो या फिर 15 सालों से राज्य में रह रहा हो। असम इस मामले में फिल्ममेकर्स को ज्यादा लुभा रहा है और 1 करोड़ रुपए तक के इंसेंटिव राज्य में फिल्म को शूट करने पर फिल्ममेकर्स को देता है। ऐसे ही आन्ध्र प्रदेश सरकार राज्य में शूट होने वाली 6 फिल्मों को सालभर में 10 लाख रूपए तक की सब्सिडी देती है।

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तमिल फिल्मों को 7 लाख, कर्नाटक देता है केवल 50 हजार
तमिलनाडु सरकार की पॉलिसी इस मामले में थोड़ा अलग है। दरअसल तमिलनाडु सरकार उन फिल्मों को ही सब्सिडी देती है ​जो तमिल भाषा के नाम के साथ रिलीज होती है। ऐसी फिल्मों को सरकार 7 लाख रूपए तक की सब्सिडी देती है। ऐसे में हिंदी या अन्य भाषाओं के फिल्ममेकर्स इस पॉलिसी का लाभ नहीं उठा सकते। कर्नाटक सरकार तमिलनाडु सरकार से इस मामले में दो कदम और आगे निकल गई है और केवल 50 हजार रूपए की सब्सिडी ही फिल्ममेकर्स को उपलब्ध करवाती है। ये भी तब संभव होता है जब आपने अपनी 90 फीसदी फिल्म को कर्नाटक की लोकेशंस पर ही शूट किया हो।

पंजाब और गुजरात भी दे रहे सब्सिडी
पंजाब सरकार 50 हजार रूपए तक की अपने राज्य में फिल्में शूट करने के लिए सब्सिडी देती है। इसी तरह गुजरात सरकार फिल्ममेकर्स को 5 से 50 लाख रूपए तक की सब्सिडी देती है, जबकि गुजराती फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रोड्यूसर्स की 50 लाख रूपए तक की आर्थिक मदद करती है।

बता दें कि पहले राज्य एंटरटेंनमेंट टैक्स में छूट देकर भी मदद करते थे, लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद इस तरह की मदद में दिक्कतें आ रही हैं। बहरहाल इस लिहाज से देखें तो झारखंड और उत्तर प्रदेश आपकी फिल्ममेकिंग की इच्छा को पूरी करने में बड़ी मदद कर सकते हैं, बशर्ते आपके पास इन राज्यों को बेस में रखते हुए मजबूत स्क्रिप्ट के साथ ही सरकारी महकमों से 'जूझने' की इच्छाशक्ति भी हो!


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Gaurav Nauriyal