बॉलीवुड की भीड़ में सबसे अलग खड़े नजर आने वाले फिल्ममेकर अनुराग कश्यप आज 46 साल के हो गए हैं। अनुराग कश्यप का क्राफ्ट जितना अलग है, मिजाज से भी वह उतने ही अलग नजर आते हैं। हाल ही में अनुराग कश्यप की एक वेब सीरीज नेटफ्लिक्स पर 'सेक्रेड गेम्स' के नाम से रिलीज हुई है। इस वेब सीरीज की खूब चर्चाएं हुई हैं। 'सेक्रेड गेम्स' न केवल मेकिंग के लिहाज से बॉलीवुड फिल्ममेकर्स को कई पायदान आगे ले जाती है, बल्कि संभावना भी जगाती है कि अगर सेंसर की छतरी से अलग हटकर फिल्ममेकर्स को क्रिएटिव फ्रीडम मिले तो वह हॉलीवुड के क्राफ्ट को टक्कर देने में भी नहीं चूकेंगे।
अनुराग की 'गैंग्स आॅफ वसेपुर' सीरीज भी इसी क्रम में एक माइलस्टोन की तरह है। अनुराग कश्यप की इस ब्लॉकबस्टर सीरीज में ड्रामा, एक्शन, कॉमेडी, रिवेंज और रियलिस्टिक प्लॉट वो सारे एलिमेंट मौजूद हैं, जो एक भारतीय दर्शक को चाहिए होते हैं। दिलचस्प ये है कि अनुराग ने अपनी इस सीरीज के किरदारों को उस भारत की पृष्ठभूमि में रखा है, जिसे अधिकांश दर्शक खुद के करीब मानते हैं। इस रिपोर्ट में हम अनुराग कश्यप की ऐसी ही 5 फिल्मों का जिक्र कर रहे हैं, जिन्होंने इंडियन सिनेमा का मिजाज बदला है...
ब्लैक फ्राइडे: इस फिल्म को अनुराग कश्यप ने निर्देशित करने के साथ ही लिखा भी है। ये अनुराग कश्यप की डेब्यू फिल्म है। फिल्म 1993 के मुबंई बम धमाकों पर बेस्ड है। फिल्म को क्रिटिक ने खूब पसंद किया और इसे फिल्म फेस्टिवल्स में भी खूब सराहना मिली।
देव डी: अनुराग कश्यप ने 'देव डी' के जरिए शरतचंद्र चटोपाध्याय के क्लासिक बांग्ला नॉवेल 'देवदास' के पात्रों को आधुनिक भारत में पेश कर दिया। फिल्म की स्क्रिप्ट और निर्देशन दोनों ही अनुराग कश्यप ने किया। फिल्म ने इंडियन सोसायटी की पितृसत्ता को सामने रखा। फिल्म का ओरिजनल कॉन्सेप्ट इसके लीड एक्टर अभय देओल ने ही अनुराग कश्यप को सुझाया था।
गैंग्स आॅफ वसेपुर सीरीज: दो पार्ट में बनी 'गैंग्स आॅफ वसेपुर' अनुराग कश्यप की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक हैं। फिल्म की कहानी जीशान कादरी ने अनुराग को सुनाई थी और इसके बाद अनुराग इस कल्ट फिल्म पर जुट गए। फिल्म झारखंड के धनबाद इलाके के कोल माफिया और स्थानीय राजनीति के टकराव की कहानी बयां करती है। फिल्म के गाने, डायलॉग और कहानी सबने लोगों का ध्यान खींचा। असल मे जो परिवार फिल्म में नजर आते हैं वो धनबाद में आज भी मौजूद हैं।
अग्ली: अग्ली एक सस्पेंस थ्रिलर फिल्म थी। इस फिल्म की कहानी एक स्ट्रगलिंग एक्टर राहुल वार्ष्णेय की बेटी गुम हो जाने की घटनाओं के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में रोनित रॉय और राहुल भट प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म एक सामान्य घटना के बीच फंसे पिता की कहानी बयां करती है।
मुक्काबाज: 'मुक्काबाज' की कहानी को अनुराग कश्यप के पास इसी फिल्म के लीड एक्टर विनीत कुमार सिंह लेकर पहुंचे थे। अनुराग को कहानी पसंद आई, लेकिन उन्होंने इसे अपने हिसाब से ढाला और इस बीच विनीत को उन्होंने बॉक्सिंग सीखने का टास्क भी दिया। फिल्म की कहानी एक बॉक्सर की कहानी और खेलों की राजनीति के इर्द-गिर्द घूमती हुई जाति व्यवस्था पर कटाक्ष करती है।
बहरहाल, अनुराग की कहानियों के किरदार समाज के बीच से ही निकले हुए नजर आते हैं और गौर से देखें तो उनके डार्क थ्रिलर के बीच कई ऐसे मुद्दे भी नजर आते हैं जो समाज में आज भी जिंदा हैं।
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