क्या सच में बॉलीवुड के ट्रैजिडी किंग दिलीप कुमार का पहला प्यार थी 'कामिनी कौशल'

दिलीप कुमार और कामिनी कौशल के बीच कुछ मज़बूरी न होती तो शायद आज सायराबानो की जगह कामिनी कौशल ही होती है।

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By: Ujwala Dharpawar | Published: May 21, 2017 12:08 PM IST

यह बात किसी से छिपी नही कि कामिनी कौशल और दिलीप कुमार की एक समय में बड़ी चर्चाएं थी कामिनी कौशल दिलीप को अपना दिल दे बैठी थी। लेकिन दोनों की कुछ मज़बूरी न होती तो शायद आज सायराबानो की जगह कामिनी कौशल ही होती है।

साल 1948 में बनी फिल्म 'शहीद' में अपनी हिरोइन रही कामिनी कौशल की सादगी ने दिलीप साहब को अपना बना लिया। ये वो दौर था जब कोई अच्छे घर की लडकियां फिल्मों में काम करने से कतराती थी। उस वक्त कामिनी ने परिवार के खिलाफ जाकर चेतन आनंद की फिल्म ‘नीचा नगर’ से अपनी फ़िल्मी करियर की शुरुआत की। कामिनी का शिक्षित, प्रतिभावान और संभ्रांत खानदान से होना ऐसी चीजें थी जिनके कारण दिलीप कुमार का उनके लिए दिलीप साहब के दिल में उनके लिए अगल जगह बन गई। बता दें, कामिनी कौशल फिल्मों में आने से पहले ही शादीशुदा थी उनके पति सूद मुम्बई ट्रस्ट पोर्ट के वरिष्ठ अधिकारी थे। [इसे भी पढ़े: कान्स फिल्म फेस्टिवल: ‘सिंड्रेला’ के बाद रेड गाऊन में कुछ ऐसी नजर आईं ऐश्वर्या राय बच्चन]

फ़िल्मी ‘हलके’ में दिलीप कुमार और कामिनी कौशल को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म था लेकिन खुद दिलीप कुमार अपने संबंधों को लोगों की नजरों से बचाये रखने की कोशिश में थे। बात सार्वजनिक ना हो जाए इसलिए दोनों गुप्त रूप से मिलते। मसलन लोकल ट्रेन का कम्पार्टमेंट इनके मिलने की एक जगह थी। दोनों बेमकसद एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन की यात्रा करते। उमंगों से लबालब दिलों के शोर ट्रेन की घड़घड़ाहटों के नीचे दब जाती लेकिन ये सिलसिला ज्यादा दिन तक नहीं चल पाता। बात धीरे-धीरे फैलने लगी और उड़ते-उड़ते कामिनी के घरवालों तक भी पहुँच गयी। कामिनी के मिलिट्रीमैन भाई अमर कश्यप के कानों तक जब इस रोमांस की खबर पहुँची तो हंगामा खड़ा हो गया। कामिनी के फिल्मों में आने के कारण पहले से ही नाराज भाई के गुस्से की आग और भड़क उठी और वो दिलीप कुमार से दो-दो हाथ करने की धमकियां देने लगे। [इसे भी पढ़े: सुनील ग्रोवर पर लगा धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने का आरोप]

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कामिनी कौशल पर इन धमकियों का ज्यादा असर ना पड़ते देख वो आग बबूला हो उठा। एक दिन अमर कश्यप निर्देशक वी एन अरोड़ा की फिल्म ‘पगड़ी’ के सेट पर पिस्तौल ले कर जा पहुंचे और दिलीप कुमार को ढूंढने लगे। दिलीप साहब वहां नहीं मिले तो वो जबरन कामिनी कौशल का हाथ पकड़कर घर ले जाने की कोशिश करने लगे। यूनिट वालों के बीच-बचाव के कारण वो थोड़े शांत तो हुए लेकिन इस शर्त पर कि इस फिल्म के बाद कामिनी कौशल आगे से फ़िल्में नहीं करेंगी। शूटिंग ख़त्म होने बावजूद दिलीप साहब और कामिनी का मेल-जोल बंद नहीं हुआ तो कामिनी के भाई ने उन्हें आत्महत्या की धमकी देकर डराना शुरू कर दिया। इस धमकी का इतना प्रभाव पड़ा की कामिनी कौशल ने दिलीप कुमार से दूरियां बनानी शुरू कर दी।

कामिनी से दूरियों के बाद दिलीप कुमार बुरी तरह टूट चुके थे। उनके दिल पर इसका गहरा असर पड़ा और वो हताशा के शिकार हो गए। कुछ लोगों का कहना है कि इस टूटे दिल से परेशान उन्हें मनोचिकित्सक की सहायता लेनी पड़ी थी।