आमिर खान की बजट फिल्म 'ठग्स आफ हिंदोस्तान' को लेकर बड़ी खबर सामने आई हैं। खबर के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के जौनपुर में फिल्म के निर्माता, निर्देशक और अभिनेता आमिर खान के खिलाफ मानहानि करने एवं भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज किया है। इस फिल्म के खिलाफ बोलते हुए एक विशेष समुदाय और जाति के लोगों ने मानहानी की बात कही है। 12 नवंबर को परिवादी अधिवक्ता हंसराज को एसीजेएमपंचम कोर्ट में गवाही के लिए तलब किया है। बात दें, दायर मामले के मुताबिक फिल्म 'ठग्स आफ हिंदोस्तान' का टाइटल बदलने और मल्लाह के पहले फिरंगी शब्द हटाने के लेकर राष्ट्रपति को भी जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया है।
आपको यह भी बता दें, आमिर खान और आमिताभ बच्चन की फिल्म फिल्म 'ठग्स आफ हिंदोस्तान' एक अंग्रेजी उपन्यास पर आधारित है। इस उपन्यास में आजादी के पूर्व आतंकवादी की मांग करने वालों को ठग आदि शब्द कहते थे। साल 1795 की 1795 फिल्म में दिखाई गई है। यह मामला निर्माता आदित्य चोपड़ा, अभिनेता आमिर खान, निर्देशक विजय कृष्णा के खिलाफ दायर किया है। परिवादी के अधिवक्ता हिमाशु श्रीवास्तव और बृजेश सिंह के मुताबिक, फिल्म की टीआरपी बढ़ाने और मुनाफा कमाने के लिए जानबूझकर फिल्म में ऐसे नाम का दुर्भावनापूर्ण तरीके से इस्तेमाल किया हैं। साथ ही इस नाम का इस्तेमाल करते हुए जाति विशेष को फिल्म में अपमानित किया गया। बात दें, पूरे निषाद समाज को ठग और फिरंगी जैसी संज्ञा दी जाती हैं।
परिवादी के मुताबिक, आमिर खान की फिल्म ठग्स आफ हिंदोस्तान कि फिल्म की कहानी सिर्फ कानपुर जिले की है। इसके बाद अगर फिल्म मेकर्स इस फिल्म का नाम ठग्स आफ हिंदोस्तान रखते हैं तो यह दुर्भावनापूर्ण है। फिल्म में आमिर खान के किरदार को फिरंगी मल्लाह से संबोधित किया गया है। फिल्म मेकर्स जानते हैं इस पर विरोध होगा और फिल्म का प्रमोशन भी आसानी से हो जाएगा। फिल्म मेकर्स के ऐसा करने से समाज में जातियों में घृणा और वैमनस्य की भावना पैदा होगी। साथ ही इस कारण भारत की अखंडता पर भी असर पड़ेगा।