हिंदी सिनेमा के इस महान निर्देशक, अभिनेता और निर्माता का जीवन जितना चमकदार था, उनकी मौत उतनी ही रहस्यमयी हुई. 39 साल की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनकी मौत आज भी एक पहेली बनी हुई है. कुछ लोगों का मानना है कि उन्होंने आत्महत्या की, जबकि कुछ इसे एक हादसा बताते हैं.
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Guru Dutt Birth Anniversary
आज हम जिस दिग्गज की बात कर रहे हैं, वो गुरुदत्त हैं, उनके करीबी दोस्त और लेखक अबरार अल्वी ने अपनी किताब 'टेन ईयर्स विद गुरु दत्त' में उनकी आखिरी रात का जिक्र किया था. उन्होंने लिखा था कि गुरुदत्त डिप्रेशन में थे, और अपनी जिंदगी से बेहद परेशान थे.
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Guru Dutt unknown Facts
गुरुदत्त की शादी मशहूर गायिका गीता दत्त से हुई थी, लेकिन उनकी शादीशुदा जिंदगी में तनाव बढ़ता गया. इसकी एक वजह अभिनेत्री वहीदा रहमान के साथ उनका रिश्ता भी बताया जाता है. हालात इतने बिगड़ गए थे, कि गीता दत्त अपने बच्चों को लेकर उनसे अलग रहने लगी थीं. गुरुदत्त अपनी बेटी को बेहद प्यार करते थे, लेकिन गीता दत्त ने उन्हें बेटी से मिलने नहीं दिया.
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Guru Dutt Wife
अबरार अल्वी ने बताया कि एक बार गुरुदत्त ने गीता से कहा था, "अगर मेरी बेटी का चेहरा नहीं देखने दोगी, तो तुम मेरा पार्थिव शरीर देखोगी."
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Guru Dutt Last night Before Death
गुरुदत्त शराब के आदी थे, लेकिन अल्वी के मुताबिक, वो कभी अपना होश नहीं खोते थे. 7 अक्टूबर 1964 की रात उन्होंने बहुत ज्यादा शराब पी ली थी. अल्वी के अनुसार, उस रात गुरुदत्त पहली बार बिना स्क्रिप्ट पढ़े सोने चले गए, जो एक अजीब बात थी.
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Guru Dutt suicide
रात 1 बजे वो सोने चले गए, लेकिन 3 बजे अचानक उठे और अपने असिस्टेंट से अबरार अल्वी के बारे में पूछा. इसके बाद उन्होंने फिर शराब पी. उनके असिस्टेंट ने उन्हें मना किया, लेकिन वो नहीं माने. अगली सुबह जब उनका दरवाजा नहीं खुला तो, उस दरवाजे को तोड़ा गया, तो गुरुदत्त का शव बिस्तर पर पड़ा मिला. कमरे में एक दवा की शीशी भी थी, जिससे यह माना गया, कि उन्होंने खुदकुशी कर ली.
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Guru Dutt death
गुरुदत्त की मौत से जुड़ा एक और चौंकाने वाला तथ्य यह है, कि उन्होंने मरने से कुछ घंटे पहले फिल्ममेकर राज कपूर को फोन किया था. उन्होंने कहा था, "राज आज रात तुम मुझसे मिलने आ सकते हो?", लेकिन राज कपूर ने देर रात होने की वजह से मना कर दिया और कहा, "कल शाम मिलते हैं." दुर्भाग्यवश, वह अगली शाम कभी नहीं आई, क्योंकि गुरुदत्त सुबह तक इस दुनिया में नहीं रहे थे.
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Guru Dutt Personal life
गुरुदत्त की मौत को लेकर बहस आज भी जारी है. क्या उन्होंने जानबूझकर अपनी जान ली या यह एक दुर्घटना थी? अबरार अल्वी ने इस घटना को एक लाइन में बयां किया है, "साकी से गिला था तुम्हें, मैखाने से शिकवा, अब जहर से भी प्यास बुझाता नहीं कोई."
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Guru Dutt Affairs
फिलहाल, गुरुदत्त चले गए, लेकिन उनकी फिल्में 'प्यासा', 'कागज के फूल' और 'साहिब बीबी और गुलाम' आज भी उनकी यादों को जिंदा रखे हुए हैं.
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