Arjun Patiala movie review: दिलजीत दोसांझ-कृति सेनॉन की केमिस्ट्री के बावजूद बोझिल लगती है फिल्म

दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) और कृति सेनॉन (Kriti Sanon) की फिल्म अर्जुन पटियाला (Arjun Patiala) दर्शकों को बांधे रखने में खास सफल नहीं हो पाई है। पढ़िए फिल्म का पूरा रिव्यू।

WrittenBy
By: Shivani Bansal | Published: July 26, 2019 3:38 PM IST

दिलजीत दोसांझ और कृति सेनॉन की केमिस्ट्री वाली फिल्म अर्जुन पटियाला दर्शकों पर अपना चलाने से चूक गई है। इस फिल्म में पंकज त्रिपाठी के चलते इसकी शुरूआत काफी सुरीली लगती है लेकिन बाद में फिल्म अपना पेस खो देती है। इसकी वजह से कॉमेडी का पुट भी धीरे-धीरे गायब हो जाता है। फिल्म के मुख्य पात्र अर्जुन पटियाला (दिलजीत दोसांझ), ओनिडा सिंह (वरुण शर्मा) और रितु रंधावा (कृति सेनॉन) हैं। फिल्म की कहानी शराब में डूबे प्रेमी इंस्पेक्टर अर्जुन पटियाला की है जिसका काम फिरोजपुर जिले को अपराध से मुक्त करना है।

क्या है कहानी
राइटर-डायरेक्टर रोहित जुगराज एक कहानी के अंदर एक कहानी कहते है। बॉलीवुड में स्पूफ के प्रयोक कम ही हुए हैं इसलिए कुछ नया करने की ये बिल्कुल एक अच्छी कोशिश है। यह एक पार्टी और शराब में डूबे हुए एक इंस्पेक्टर की कहानी है जो अपने तरीके से जिले को अपराध से मुक्त करने की कोशिश करता है।

इसे भी पढ़ें- Arjun Patiala Box Office Occupancy report: मॉर्निंग शोज में धीमी दिखी कृति सेनॉन और दिलजीत दोसांझ की फिल्म की रफ्तार

क्या है खास
एक्टर दिलजीत दोसांझ हर फ्रेम में स्क्रीन को रोशन करते हैं। वह कॉमिक दृश्यों में भी कमाल लगे हैं। जबकि कृति सेनॉन बहुत प्यारी दिखी है। वहीं, दिलजीत के साथ उनकी ऑनस्क्रीन जोड़ी भी शानदार लगी है। लेकिन फिर भी ये केमिस्ट्री दर्शकों पर खास जादू नहीं चला पाती है। वरुण शर्मा हंसी के फुव्वारे छोड़ने में कामयाब रहे हैं और लगता है कि ये फिल्म उनके लिए ही बनी है। इसके अलावा अन्य कलाकार जिन्होंने सिल्वर स्क्रीन पर दर्शकों को बांधे रखने में कामयाबी पाई है वो है सीमा पाहवा, मोहम्मद जीशान अय्यूब और पंकज त्रिपाठी। फिल्म के एक-दो गाने ठीक हैं लेकिन बाकी खास उम्दा नहीं है।

इसे भी पढ़ें- Arjun Patiala Public Review: दर्शकों ने Diljit Dosanjh और Kriti Sanon की फिल्म को बताया बोरिंग, कहा 'सिर में दर्द हो गया...'

क्या है खराब
फिल्म की कोई खास कहानी नहीं है। इसके अलावा ये लगातार कॉमेडी का पेस बनाने में भी कामयाब नहीं हो पाई है। जिसके चलते फिल्म आगे चलकर बोझिल लगने लगती है। फिल्म के पहले भाग में कुछ पल हैं जो मजेदार हैं लेकिन दूसरा भाग बोर करता है। यह 1 घंटे 46 मिनट की एक शॉर्ट फिल्म की तरह है लेकिन इसके बावजूद ये वक्त लंबा लगता है।

बॉलीवुड लाइफ का फैसला
हालांकि, अर्जुन पटियाला ने कुछ अलग करने की कोशिश की है लेकिन इसके बावजूद ये दर्शकों को बांधे रखने में फेल हो जाती है।

बॉलीवुड और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...

बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज और इंस्टाग्राम अकाउंट से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें...