जन नायकन पर कमल हासन ने तोड़ी चुप्पी
भारतीय सिनेमा के इतिहास में शायद ही कभी किसी फिल्म को लेकर इतना बड़ा विवाद हुआ हो, जितना थलापति विजय की आगामी फिल्म 'जन नायकन' को लेकर हो रहा है. फिल्म अभी बड़े पर्दे पर आई भी नहीं थी कि पायरेसी के लोगों ने इसे अपनी चपेट में ले लिया है. फिल्म का एचडी प्रिंट इंटरनेट पर लीक होने के बाद साउथ फिल्म इंडस्ट्री के एक्टर कमल हासन, रजनीकांत और चिरंजीवी एकजुट होकर इस अन्याय के खिलाफ खड़े हो गए हैं.
दिग्गज अभिनेता कमल हासन ने इस घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है. सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने इसे एक सिस्टेमिक फेल्योर करार दिया. हासन का तर्क है कि यह लीक कोई अचानक हुई घटना नहीं है, बल्कि प्रशासनिक अनिश्चितता का नतीजा है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "अगर फिल्म के सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया समय पर पूरी कर ली गई होती, तो आज पायरेसी के हाथ इतने मजबूत नहीं होते हैं." उनके अनुसार, सेंसर सर्टिफिकेट मिलने में हुई अत्यधिक देरी ने दर्शकों और फिल्म के बीच एक दूरी पैदा की, जिसका फायदा पायरेसी माफिया ने उठाया.
कमल हासन ने पायरेसी को किसी राजनीतिक विचारधारा से ऊपर बताया. उन्होंने कहा कि यह केवल एक फिल्म का लीक होना नहीं है, बल्कि उन हजारों तकनीशियनों और कलाकारों की मेहनत पर हमला है जिन्होंने दिन-रात एक करके इस सिनेमा को रचा है. उन्होंने उन ईमानदार निर्माताओं, थिएटर मालिकों और एग्जिबिटर्स का पक्ष लिया जिनका करोड़ों का निवेश अब दांव पर लगा है. हासन ने सवाल उठाया कि अगर सरकारी तंत्र और कानून ही फेल हो जाएं, तो एक क्रिएटर अपनी कला की रक्षा कैसे करेगा?
The leak of #Jananayagan is not an accident - it is the result of systemic failure. Had due process been timely, we would not be here. Inordinate delays in certification created fertile ground for piracy. When legal access is stalled, illegitimate channels take over.
Piracy is…— Kamal Haasan (@ikamalhaasan) April 10, 2026
गौरतलब है कि 'जन नायकन' के कंटेंट को लेकर सेंसर बोर्ड के साथ कुछ पेंच फंसे थे, जिसके कारण रिलीज में देरी हो रही थी. कमल हासन ने इसी पॉइंट को पकड़ा है. उनका मानना है कि जब किसी अवेटेड फिल्म का कानूनी रास्ता ब्लॉक कर दिया जाता है, तो लोग मजबूरन गैर-कानूनी रास्तों की तलाश करने लगते हैं. उन्होंने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तेजी से सर्टिफिकेशन हो और फिल्मों को बिना वजह लटकाया न जाए. पायरेसी करने वालों के खिलाफ रियल-टाइम एक्शन हो औऱ इंटरनेट से लीक वीडियो को तुरंत हटाने की तकनीक अपनाई जाए. ऐसी ही एंटरटेनमेंट खबरों को जानने के लिए पढ़ते रहिए बॉलीवुडलाइफ हिंदी.