खुलेगा पार्थ के असली कातिल का राज?
'क्यूंकी सास भी कभी बहू थी' में पूरे दस साल तक सलाखों के पीछे रहने के बाद, आखिरकार तुलसी की घर वापसी हो चुकी है. लेकिन, जेल की चारदीवारी से बाहर कदम रखते ही तुलसी के पैरों तले जमीन खिसक गई है. जिस शांतिनिकेतन को उन्होंने अपने प्यार और त्याग से सींचा था, आज वो पूरी तरह बदल चुका है. तुलसी पुरानी यादों को समेटने की कोशिश करती हैं, लेकिन उनका यह सपना टूट जाता है कि उनका परिवार हमेशा एक रहेगा. हालांकि कहने को तो सब लोग आज भी एक ही छत के नीचे रह रहे हैं, लेकिन उनके बीच की दूरियां इतनी बढ़ चुकी हैं कि वे अपनों से ज्यादा अजनबियों की तरह बर्ताव कर रहे हैं.
इस कहानी में जो सबसे बड़ा बदलाव आया है, वो है करण और नंदिनी की बेटी समीरा का बड़ा होना. लीप के बाद अब समीरा का यह किरदार टेलीविजन की जानी-मानी एक्ट्रेस आंचल सोनी निभा रही हैं, जिन्हें हाल ही में दर्शकों ने 'नागिन 7' में देखा था. बचपन में समीरा तुलसी के बेहद करीब हुआ करती थी, लेकिन आज उसके दिल में तुलसी के लिए सिर्फ और सिर्फ नफरत भरी है. समीरा के लिए यह स्वीकार करना नामुमकिन है कि जिस तुलसी मां को उसने भगवान माना था, उन्होंने ही पार्थ की जान ली.
कहानी में नया मोड़ तब आता है जब एक सड़क हादसे के दौरान तुलसी अपनी जान पर खेलकर समीरा को बचाती हैं. लेकिन, समीरा अपनी जान बचाने के लिए तुलसी का शुक्रिया अदा करने के बजाय उन पर भड़क उठती है. वह तुलसी पर आरोप लगाती है कि उन्हें सिर्फ लोगों की जान लेना आता है. इतने सालों बाद बड़ी हो चुकी समीरा को तुलसी पहचान भी नहीं पातीं और उसके मुंह से ऐसी कड़वी बातें सुनकर पूरी तरह सन्न रह जाती हैं.
जब नंदिनी और तुलसी का आमना-सामना होता है, तो नंदिनी रोते हुए तुलसी से शिकायत करती है कि उन्होंने पार्थ के कत्ल का इल्जाम अपने सिर पर क्यों लिया? नंदिनी कहती है कि तुलसी के इस एक फैसले ने पूरे शांतिनिकेतन को बर्बाद कर दिया. तब समीरा चुपके से उनकी सारी बातें सुन लेती है. पार्थ की मौत के पीछे का असली सच अब समीरा के सामने आ चुका है. क्या समीरा अपनी सगी मां नंदिनी के इस भयानक गुनाह को सबके सामने लाएगी? ऐसी ही एंटरटेनमेंट खबरों को जानने के लिए पढ़ते रहिए बॉलीवुडलाइफ हिंदी.