KSBKBT Update: नंदिनी का तुलसी और नियति पर फूटा गुस्सा, सरेआम खोल दी वीरानी परिवार की पोल

KSBKBT Update: 'क्यूंकी सास भी कभी बहू थी' में तुलसी जहां पार्थ और वैष्णवी के बीच की कड़वाहट को दूर करने की कोशिश करती हैं, वहीं घर में करण की एंट्री के बाद नंदिनी पूरे वीरानी परिवार की पोल खोलने पर लग जाती है.

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By: Shreya Pandey | Published: June 10, 2026 7:16 AM IST

कहानी की शुरुआत होती है तुलसी से, जो वैष्णवी को पार्थ के स्वभाव के बारे में समझा रही हैं. तुलसी कहती हैं कि पार्थ बचपन से ही सुख-सुविधाओं और लाड-प्यार में पला-बढ़ा है. उसे हमेशा से पता था कि पिता का बिजनेस उसी को मिलना है, इसलिए उसने कभी संघर्ष नहीं देखा. लेकिन आज पहली बार उसके सामने एक ऐसी चुनौती खड़ी है, जिसे करण जैसे शख्स ने पाला है. तुलसी अपनी कमी स्वीकार करते हुए कहती हैं कि उन्होंने पार्थ को कभी भावनाओं और लड़कियों के साथ गलतफहमियों को संभालना सिखाया ही नहीं. वैष्णवी बात समझ जाती है और पार्थ को मना लेती है. दोनों एक-दूसरे को केक खिलाते हैं, लेकिन पार्थ का दिल अब भी भारी है.

तुलसी ने टूटते बेटे पार्थ को संभाला

इसके बाद तुलसी, पार्थ के कमरे में जाती हैं जहां वह अकेले में अपना दर्द बयां करता है. पार्थ रोते हुए कहता है कि रेओ को पावर ऑफ अटॉर्नी मिलने से नंदिनी चाची कितनी घुटन महसूस कर रही हैं. वह खुद को बेबस समझता है और कहता है कि काश वह अंश को मारने के लिए वहां मौजूद होता. तब तुलसी उसे झकझोरते हुए कहती हैं, 'वहां मैं थी... और अंश को मैंने ही मारा था.' तुलसी उसे समझाती हैं कि गुस्सा सिर्फ वैष्णवी के साथ उसके रिश्ते को खराब कर रहा है. वह पार्थ को सब्र और मैच्योरिटी से काम लेने की सलाह देती हैं.

करण की एंट्री और नंदिनी का तीखा रवैया

तुलसी इसके बाद गौतम को घर छोड़ने से रोकती हैं और तभी वहां करण की एंट्री होती है. पार्थ, नंदिनी, समैरा और रेओ उसे देखकर खुश हो जाते हैं. नियति और करण के बीच थोड़ी झिझक दिखती है. गौतम जब मिहिर के बारे में पूछता है, तो करण बताता है कि मिहिर यूएस में बिजनेस में बिजी हैं. जब गौतम अचानक करण को बुलाने पर सवाल उठाता है, तो तुलसी कहती हैं कि फैसले में सबकी सहमति जरूरी थी. करण बताता है कि नंदिनी ने उसे पहले ही पावर ऑफ अटॉर्नी की बात बता दी थी. करण साफ कहता है कि रेओ का आइडिया कंपनी के भविष्य के लिए बेहतर था, इसलिए वह इस पोजीशन का हकदार है. इस पर नंदिनी भड़क जाती है और कहती है कि पार्थ की क्रिएटिविटी की सबने तारीफ की थी, तो रेओ को इतनी आसानी से यह गद्दी कैसे मिल गई?

नंदिनी का आखिरी वार

गुस्से में नंदिनी पूरे परिवार के सामने एक ऐसा बम फोड़ती है जिससे सन्नाटा पसर जाता है. नंदिनी चिल्लाकर कहती है कि यह 'शांति निकेतन' और पूरा वीरानी परिवार सिर्फ इसलिए चल रहा है क्योंकि करण हर महीने पैसे भेजता है और बिजनेस के घाटे को पूरा करता है. इस कड़वे सच को सुनकर सबकी बोलती बंद हो जाती है. आने वाले एपिसोड में करण, नंदिनी को डांटते हुए कहेगा कि रेओ उम्र और तजुर्बे में पार्थ से बड़ा है, इसलिए तुलसी का फैसला गलत नहीं है. ऐसी ही एंटरटेनमेंट खबरों को जानने के लिए पढ़ते रहिए बॉलीवुडलाइफ हिंदी.