ये रिश्ता क्या कहलाता है ट्विस्ट
टीवी सीरियल 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' में इन दिनों हाई-वोल्टेज ड्रामा अपने पीक पर है. अभिरा और अरमान की जिंदगी में आया तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है. अपनी बेटी मायरा को इंसाफ दिलाने की जद्दोजहद में अभिरा पूरी तरह टूट चुकी है, वहीं अरमान अब भी अपने फैसलों और विश्वास के बीच फंसा हुआ है. अपनी बेटी मायरा को जेल से बाहर न निकाल पाने का गम अभिरा को अंदर ही अंदर खाए जा रहा है. वह खुद को एक बुरी मां मान रही है. इसी प्रायश्चित में अभिरा पूरी रात रिमांड होम के गेट के बाहर बैठकर गुजार देती है. वहां उसकी मुलाकात एक बाबा से होती है, जो उसे कृष्ण और सुदामा की कहानी सुनाकर यह सीख देते हैं कि हार मानने के बजाय कोशिश जारी रखनी चाहिए.
सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है के आने वाले एपिसोड में आप देखेंगे कि जब पूरा परिवार अभिरा को ढूंढ रहा होता है, तब मुक्ति उसे रिमांड होम के बाहर बेहाल हालत में पाती है. मुक्ति एक सच्ची सहेली की तरह अभिरा को संभालती है और उसे समझाती है कि अगर उसे मायरा को बचाना है, तो उसे पहले खुद को संभालना होगा. मुक्ति की बातें अभिरा के भीतर फिर से लड़ने का जज्बा पैदा करती हैं. पोद्दार परिवार मंदिर में मायरा की सलामती के लिए पूजा रखता है, लेकिन वहां भी कलेश कम नहीं होता. दिशा की बुआ रस्मों के बहाने तमाशा खड़ा करने की कोशिश करती हैं. तभी आर्यन अपनी सूझबूझ से सबको हैरान कर देता है. वह अक्षय तृतीया के गहने लाकर न केवल अपनी मां और सास को देता है, बल्कि दिशा की बुआ को भी कीमती उपहार देकर उनकी बोलती बंद कर देता है.
अपनी कानूनी समझ पर संदेह करते हुए अभिरा हार मान लेती है. वह रोते हुए अरमान के पास पहुंचती है और उससे हाथ जोड़कर मायरा का केस लड़ने की भीख मांगती है. वह अरमान को केस के सारे पेपर्स सौंप देती है. अरमान जब केस के सिलसिले में रिमांड होम पहुंचता है, तो वहां वह छिपकर मायरा की बातें सुन लेता है. मायरा अपनी सहेली से कहती है कि उसे अपनी मां (अभिरा) से कोई शिकायत नहीं है क्योंकि सिर्फ मां ने ही उस पर भरोसा किया था. मायरा का यह कहना कि 'मेरे पापा ने एक पल में मुझे गुनहगार मान लिया', अरमान के कलेजे को छलनी कर देता है. ऐसी ही एंटरटेनमेंट खबरों को जानने के लिए पढ़ते रहिए बॉलीवुडलाइफ हिंदी.