19 Minutes 34 Seconds Viral Clip: पिछले कुछ समय से इंटरनेट पर 19 मिनट 34 सेकंड वायरल क्लिप (19 Minute 34 Second Viral Video), 12 मिनट 46 सेकंड लीक्ड वीडियो (12 Minute 46 Second Leaked Video) और 7 मिनट 11 सेकंड का वायरल वीडियो (7 Minute 11 Second Viral Video) काफी चर्चा में बना हुआ है, लेकिन इनमें से 19 मिनट 34 सेकंड (19 Minutes 34 Seconds Viral Clip) वायरल क्लिप ज्यादा सुर्खियों में रहा. ये ऐसा वीडियो है, जिसका ट्रेंड अभी तक खत्म नहीं हुआ है और आज भी यूजर्स इस वीडियो को धड़ल्ले से सर्च कर रहे हैं. इस क्लिप में कथित तौर पर एक कपल के बेहद निजी पलों को दिखाया गया, जो उनके बेडरूम (Bedroom Viral Video) में शूट किया गया था. ये वीडियो जैसे ही इंस्टाग्राम पर आया वैसे ही आग की तरफ सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैल गया. हालांकि, अभी तक इस वीडियो की सच्चाई को लेकर कोई खबर नहीं आई, लेकिन इसके लीक के दो महीने बाद वीडियो में नजर आए कपल को लेकर हैरान करने वाली जानकारी जरूर सामने आई है.
Video Leak के दो महीने बाद कपल के साथ क्या हुआ?
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक नया वीडियो वायरल (Viral Video) हो रहा है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि 19 मिनट 34 सेकंड वायरल क्लिप में नजर आए लड़के को वीडियो लीक के बाद पुलिस ने बड़ी ही बेरहमी से पीटा है. दरअसल, लेटेस्ट वीडियो में पुलिस वाले एक लड़के की बुरी तरह से पिटाई करते हुए नजर आ रहे हैं. जिसके देखने के बाद यूजर्स ऐसा दावा करने लगे कि, ये 19 मिनट 34 सेकंड के प्राइवट वीडियो में नजर आया लड़का है जिसकी पुलिस पिटाई कर रही हैं. देखते ही देखते ये मामला इतना बिगड़ गया कि, पुलिस और अधिकारियों को खुद सामने आकर इसपर सफाई देनी.
क्या है पिटाई वाले Video का सच?
शख्स की पिटाई वाले वायरल हो रहे वीडियो को लेकर पुलिस ने सफाई दी और ये साफ किया कि, 19 मिनट 34 सेकंड वायरल वीडियो और इस पिटाई वाले वीडियो का आपस में कोई संबंध नहीं है. जांच में पता चला है कि, पिटाई वाली क्लिप अहमदाबाद के वसाली इलाके की है और ये करीब आठ महीने पुरानी है. यह घटना पिछले साल नवंबर की है, जब कुछ उपद्रवियों ने डंडों और तलवारों से लोगों पर हमला किया था और गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी. उस समय पुलिस ने इस मामले में लाठीचार्ज किया था और 14 लोगों को हिरासत में भी लिया था, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल था. अब उसी पुराने वीडियो को गलत तरीके से इस नए MMS स्कैंडल से जोड़कर फैलाया जा रहा है.
वीडियो पर क्लिक करना पड़ सकता है भारी
वीडियो पर सफाई देने के साथ ही अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि, जब तक किसी खबर या वीडियो की सच्चाई पता न चल जाए, उसे सोशल मीडिया पर शेयर न करें. एक्सपर्ट्स का कहना है कि, ऐसी क्लिप अक्सर लोगों की एक्साइटमेंट का फायदा उठाने के लिए फैलाए जाते हैं. वहीं आजकल AI और डीपफेक टेक्नोलॉजी के जरिए ऐसे धोखा देने वाले वीडियो बनाना आसान हो गया है, जिन्हें पहचानना आम लोगों के लिए मुश्किल होता है और ये इसी वजह से कई बार साइबर क्राइम का शिकार भी हो जाते हैं.
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